पश्चिम बंगाल: निपाह वायरस को लेकर जलपाईगुड़ी में हाई अलर्ट, घर-घर जाकर जागरूकता अभियान शुरू  

पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में निपाह वायरस के संदिग्ध मामले सामने आने के बाद पूरे राज्य में चिंता का माहौल है। इस जानलेवा वायरस का असर अब जलपाईगुड़ी जिले में भी देखा जा रहा है, जहाँ सामान्य लोगों के बीच आतंक व्याप्त है। स्थिति को देखते हुए राज्य स्वास्थ्य विभाग ने जलपाईगुड़ी प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।जलपाईगुड़ी जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. असीम हलदर ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशिष्ट गाइडलाइंस (निर्देशिका) प्राप्त हुई हैं। उन्होंने कहा, “हम पूरी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं।

किसी भी प्रकार के संक्रमण की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की जा रही है। निपाह सहित अन्य वायरस जनित बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है।”वायरस के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों ने जलपाईगुड़ी के विभिन्न ग्रामीण और शहरी इलाकों में ‘डोर-टू-डोर’ (घर-घर) जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है।: पाटकाता कॉलोनी सहित शहर के कई संवेदनशील इलाकों में स्वास्थ्य कर्मी लोगों को जागरूक कर रहे हैं।लोगों को सलाह दी जा रही है कि यदि बुखार, सांस लेने में तकलीफ या अन्य कोई संदिग्ध लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।जलपाईगुड़ी शहर के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर चमगादड़ों की मौजूदगी देखी जा रही है, जिससे स्थानीय निवासियों में डर का माहौल है।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्वास्थ्य विभाग का यह जागरूकता अभियान स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।संक्रमण से बचने के लिए प्रशासन ने निम्नलिखित सावधानियां बरतने को कहा है:फलों का सेवन: पक्षियों या चमगादड़ों द्वारा कुतरे गए या आधे खाए हुए फलों को बिल्कुल न छुएं और न ही खाएं।साफ-सफाई: खुले में रखे फल खाने से बचें और बाजार से लाए गए फलों को अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें।संपर्क से बचाव: चमगादड़ों के सीधे संपर्क में आने से बचें और व्यक्तिगत स्वच्छता (Hygiene) बनाए रखें।

By Sonakshi Sarkar