पश्चिम बंगाल में ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ₹1,000 करोड़ का फंड आवंटित किया है, जिसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत अंतरिम तौर पर 1 लाख ग्रामीण घरों के निर्माण को मंजूरी दी गई है. केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बीच कोलकाता में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान इस वित्तीय पैकेज की घोषणा की गई. यह आवंटन राज्य के लिए स्वीकृत ₹8,508 करोड़ के व्यापक ग्रामीण विकास पैकेज का हिस्सा है. इस राशि का उपयोग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के पहले चरण के तहत लगभग 2,400 किलोमीटर लंबी बारहमासी ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की पहुंच बाजारों, स्वास्थ्य सुविधाओं और शैक्षणिक संस्थानों तक आसान हो सकेगी.
इस व्यापक विकास पैकेज में राज्य सरकार के योगदान को मिलाकर कुल उपलब्ध संसाधन ₹12,064 करोड़ से अधिक हो जाएंगे, जिन्हें अगले वर्ष 31 मार्च तक सीधे पंचायतों के माध्यम से खर्च किया जाएगा. बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने भारी बारिश के कारण लाभार्थियों के सर्वेक्षण में हुई देरी को देखते हुए इसकी समय-सीमा को बढ़ाकर 15 अगस्त करने की घोषणा की, ताकि सभी पात्र परिवारों की पहचान सुनिश्चित की जा सके. इसके अतिरिक्त, नए वीबी-ग्राम जी ढांचे के तहत ग्रामीण परिवारों की आय सुरक्षा बढ़ाने के लिए रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन करने का लक्ष्य रखा गया है. महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए दीनदयाल अंत्योदय योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए ₹295 करोड़ की वित्तीय सहायता भी जारी की गई है, जिसमें ₹245 करोड़ का बैंक क्रेडिट और ₹50 करोड़ का कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड शामिल है.
