चैती छठ को लेकर सिलीगुड़ी के विभिन्न घाटों को सजाया जा रहा है

चैती छठ रात्रि के समय मनाया जाता है। ‘नहा खाए’ और ‘खरना’ के साथ चैती छठ का उत्सव शुरू हो चुका है। सिलीगुड़ी में भी तैयारियां चल रही हैं। गौरतलब है कि कार्तिक छठ की तरह चैती छठ भी झारखंड और बिहार जैसे राज्यों में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इसी तरह सिलीगुड़ी के वार्ड नंबर 5 में कार्तिकी छठ और चैती छठ दोनों ही बड़े धूमधाम से मनाए जाते हैं।

बिहारी समुदाय के लोगों के लिए कार्तिकी छठ छोटी छठ और चैती छठ बड़ी छठ है। हालांकि चैती छठ केवल वही लोग मनाते हैं जिनकी इच्छा होती है. इस वर्ष चैती पर्व का पहला अर्घ 3 अप्रैल को तथा दूसरा अर्घ 4 अप्रैल को है। इसलिए, इस समय छठ पूजा की तैयारियां जोरों पर हैं। सिलीगुड़ी के वार्ड 5 में हर साल चैती छठ मनाया जाता है। कई घाटों और घाट समितियों की पहल से वार्ड नंबर पांच को खूबसूरती से सजाया गया।

चूंकि अब ज्यादा समय नहीं बचा है, इसलिए वार्ड नंबर 5 की पार्षद अनीता महतो घाट का निरीक्षण करने जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि चैती छठ के लिए वार्ड की ओर से सारी व्यवस्था की जाएगी। घाट का निरीक्षण किया जा चुका है और सफाई का काम चल रहा है। और चैती छठ के खत्म होने के बाद वार्ड नंबर 5 में एक बार फिर नदी की सफाई का बीड़ा उठाया जाएगा। उन्होंने छठ व्रतियों को भी शुभकामनाएं दीं।

By Sonakshi Sarkar