बिजली की बढ़ती कीमतों और मौसम की अनिश्चितता के इस दौर में, वी-गार्ड इंडस्ट्रीज ने बिजली की गुणवत्ता और ऊर्जा दक्षता के बीच छिपे महत्वपूर्ण संबंध पर एक निर्णायक अध्ययन जारी किया है। एनएबीएल-मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला द्वारा प्रमाणित इस शोध से पता चला है कि खराब वोल्टेज न सिर्फ उपकरणों को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि यह एक बड़े “एफिशिएंसी टैक्स” की तरह काम करता है, जो एयर कंडीशनर (एसी) की बिजली खपत को 50% तक बढ़ा सकता है।
इस अध्ययन में देश के प्रमुख ब्रांड्स के कई 1.5 टन वाले एसी यूनिट्स का परीक्षण किया गया। नतीजे चौंकाने वाले रहे — जब इनपुट वोल्टेज 140V से 180V के बीच गिर जाता है (जो भारत में गर्मियों में पीक टाइम पर आम बात है), तो एसी के कंप्रेसर की थर्मोडायनामिक एफिशिएंसी प्रभावित हो जाती है। इससे एसी को वही ठंडक देने के लिए बहुत ज्यादा समय तक चलना पड़ता है, जिससे बिजली की खपत तेजी से बढ़ जाती है।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री मिथुन के. चित्तिलप्पिल्ली ने कहा, “‘स्टेबलाइजर-फ्री’ उपकरणों को लेकर लोगों में एक बड़ा गलतफहमी है। आधुनिक एसी वोल्टेज के उतार-चढ़ाव से बच तो सकते हैं, लेकिन उनमें पीक एफिशिएंसी बनाए रखने की क्षमता नहीं होती। हमारा शोध साबित करता है कि एसी को डेडिकेटेड स्टेबलाइजर पर चलाने से सिर्फ सुरक्षा ही नहीं मिलती बल्कि इससे बिजली की बचत भी होती है। यदि आप स्टेबलाइजर का इस्तेमाल करते हैं तो एसी के बिजली बिल को आधा कर सकता है।”
