कैंसर की पहचान में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाली ग्लोबल मेडटेक कंपनी, यूई लाईफसाईंसेज़ ने सेंट्रल रिफरल हॉस्पिटल, मणिपाल (सीआरएच), गैंगटोक के सहयोग से एक स्तन कैंसर परीक्षण शिविर का आयोजन किया। इस अभियान का उद्देश्य स्तन कैंसर की जागरुकता बढ़ाकर और महिलाओं को समय पर इसकी पहचान करने की सुविधा द्वारा महिलाओं को सशक्त बनाना था। इस कार्यक्रम में सीआरएच और सिक्किम मणिपाल यूनिवर्सिटी (एसएमयू) के प्रतिष्ठित अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिनमें एवीएम (डॉ.) दिलीप चंद्र अग्रवाल, माननीय वाईस चांसलर, एसएमयू; डॉ. मुरलीधर वी पाई, डीन, सिक्किम मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साईंसेज़ (एसएमआईएमएस); डॉ. कर्मा सोनम शेरपा, रजिस्ट्रार, एसएमयू; श्री शुभेंदु प्रकाश, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, सीआरएच; डॉ. सुदीप दत्ता, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, सीआरएच और डॉ. सम्राट सिंह भंडारी, एडिशनल मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, सीआरएच शामिल थे। इस सफल शिविर में ९४ महिलाओं ने हिस्सा लेकर दर्दरहित, रेडिएशन-फ्री तकनीक से अपने स्तनों की जाँच करवाई। यहाँ उन्हें स्तन स्वस्थ रखने के लिए परामर्श और आगे के परीक्षणों के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
शिविर के पहले दिन सीआरएच हॉस्पिटल की छः नर्सों और दो जूनियर रेज़िडेंट डॉक्टरों को आईब्रेस्टएग्ज़ाम की हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग प्रदान की गई। यह ट्रेनिंग पाने के बाद वो अपने समुदायों में स्तन कैंसर का ज्यादा प्रभावशाली परीक्षण करने में समर्थ बने। शिविर में डॉ. पेसोना ग्रेस लुकसोम, प्रोफेसर, ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी, सीआरएच ने नियमित जाँच के महत्व पर जोर देते हुए कहा, ‘‘कैंसर की समय पर पहचान ही उससे बचाव का सबसे शक्तिशाली उपाय है। स्तन कैंसर को समय पर पहचानकर इलाज को प्रभावशाली बनाया जा सकता है, जिससे कई जानें बच सकती हैं।’’ डॉ. रूही अग्रवाला, हेड ऑफ पब्लिक हैल्थ, यूई लाईफसाईंसेज़ ने कहा, ‘‘आईब्रेस्टएग्ज़ाम एक नॉन-इन्वेज़िव प्रक्रिया है। यह बहुत आसान है और खासकर सामुदायिक परिवेश में स्तन कैंसर की जाँच के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। स्तन के घाव को समय पर पहचानकर हम इलाज को प्रभावशाली बनाकर मरीज की जान बचा सकते हैं। हमें गैंगटोक में महिलाओं के लिए स्तन कैंसर शिविर का आयोजन करने और इन अत्याधुनिक विधियों द्वारा जाँच करने के लिए सीआरएच के साथ सहयोग करके उत्साहित हैं।
एवीएम (डॉ.) दिलीप चंद्र अग्रवाल, माननीय वाईस चांसलर, एसएमयू ने कहा, ‘‘सिक्किम मणिपाल यूनिवर्सिटी हैल्थकेयर की उपलब्धता बढ़ाने, और समुदायों में इलाज के परिणामों को बेहतर बनाने वाले अभियानों में सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। यूई लाईफसाईंसेज़ और सीआरएच के बीच यह सहयोग गंभीर बीमारियों के इलाज में साझेदारियों की ताकत की मिसाल है।’’ इस शिविर को काफी सकारात्मक फीडबैक मिला। निशुल्क जाँच और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन पाने वाली महिलाओं ने इस पहल की काफी सराहना की। यह अभियान कैंसर के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो हैल्थकेयर में सुधार लाने के लिए गठबंधनों की शक्ति पर जोर देता है।’’