भारत के पूर्वोत्तर में रोजमर्रा के सामाजिक पलों के केंद्र में डेटिंग को लेकरआ रहा है टिंडर

आज की डेटिंग छोटी-छोटी पसंदों के इर्द-गिर्द घूमती है, कौन-सा संगीत पसंद है, किस खाने का मन करता है, और किन खेलों या सामाजिक ठिकानों पर लोग बार-बार जाना पसंद करते हैं। यही चीजें लोगों को एक-दूसरे के करीब लाती हैं। भारत में करीब हर तीन में से एक युवा सिंगल का मानना है कि साझा रुचियां रिश्ते बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं।

इसी सोच को जमीन पर उतारते हुए, टिंडर ने हाल ही में पूर्वोत्तर भारत के विभिन्न इलाकों, गुवाहाटी, शिलांग, जीरो वैली सहित कई जगहों में गतिविधियां कीं। यहां की मजबूत सामुदायिक भावना और साझा सामाजिक स्थलों को ध्यान में रखते हुए, संगीत, त्योहारों और खेलों से जुड़े सांस्कृतिक पलों के जरिये टिंडर ने यह दिखाया कि कैसे साझा रुचियां स्वाभाविक रूप से सार्थक बातचीत को जन्म देती हैं। इससे टिंडर पर ही नहीं, बल्कि ऑफलाइन भी, लोगों के बीच जुड़ाव ज़्यादा सहज और अपनापन लिए महसूस होता है। इसी सोच को जमीन पर उतारते हुए, टिंडर ने हाल ही में पूर्वोत्तर भारत के विभिन्न इलाकों, गुवाहाटी, शिलांग, जीरो वैली सहित कई जगहों में गतिविधियां कीं। यहां की मजबूत सामुदायिक भावना और साझा सामाजिक स्थलों को ध्यान में रखते हुए, संगीत, त्योहारों और खेलों से जुड़े सांस्कृतिक पलों के जरिये टिंडर ने यह दिखाया कि कैसे साझा रुचियां स्वाभाविक रूप से सार्थक बातचीत को जन्म देती हैं। इससे टिंडर पर ही नहीं, बल्कि ऑफलाइन भी, लोगों के बीच जुड़ाव ज़्यादा सहज और अपनापन लिए महसूस होता है। म्यूजिक वाले स्थान स्वाभाविक रूप से ऐसे ठिकाने बन जाते हैं, जहां ऐप पर शुरू हुई बातचीत असल ज़िंदगी में आगे बढ़ती है।

By Business Bureau