गोरखालैंड की मांग के बाद अब पश्चिम बंगाल में एक बार फिर अलग ‘कामतापपुर’ राज्य की मांग ने जोर पकड़ लिया है। शनिवार को सिलीगुड़ी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ‘कामतापपुर स्टेट डिमांड काउंसिल’ ने आधिकारिक तौर पर इस मांग को दोहराया। काउंसिल ने न केवल अलग राज्य की मांग की, बल्कि अपनी आवाज बुलंद करने के लिए आगामी 15 फरवरी को पूरे उत्तर बंगाल में ‘रेल रोको’ कार्यक्रम की घोषणा भी की है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उठी इस मांग ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
केंद्र सरकार पर निशाना: संगठन का आरोप है कि केंद्र सरकार अलग राज्य की उनकी मांग को लेकर उदासीन रवैया अपना रही है। इसी विरोध स्वरूप 15 फरवरी को उत्तर बंगाल में रेल सेवा ठप करने का निर्णय लिया गया है। कामतापपुर स्टेट डिमांड काउंसिल ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि भाजपा उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है, तो आगामी विधानसभा चुनाव में वे उत्तर बंगाल की लगभग 80 सीटों पर भाजपा को हराने के लिए काम करेंगे।
राज्य की सत्ताधारी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (TMC), फिलहाल इस मांग और संगठन को खास महत्व देने के मूड में नहीं दिख रही है। चुनावों के मुहाने पर खड़े बंगाल में अलग राज्य का यह मुद्दा आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
