पूर्व मेदिनीपुर जिले के पटाशपुर- 1 ब्लॉक अंतर्गत केलेघाई नदी के तटीय इलाकों में चल रहे अवैध अफीम (पोस्त) की खेती के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस और प्रशासन ने एक संयुक्त अभियान चलाकर बीघों में फैली अवैध खेती को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया।इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से लगभग 140 किलोग्राम पोस्त के पौधे और डोडा (capsules) जब्त किए हैं।
प्राथमिक जांच के अनुसार, इस भारी मात्रा में कच्चे माल को मादक पदार्थों की तस्करी के उद्देश्य से सुरक्षित रखा गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि पोस्त के दूध से ही ‘अफीम’ जैसा घातक नशा तैयार किया जाता है।विशेषज्ञों के अनुसार, एक बीघा जमीन पर पोस्त की खेती से लगभग ৩ लाख रुपये तक की कमाई हो सकती है, जो किसानों को इस अवैध रास्ते पर जाने के लिए उकसाती है। भारत में बिना लाइसेंस के पोस्त उगाना एक दंडनीय अपराध है। जहाँ सरकारी नियंत्रण में इसकी खेती होती भी है, वहाँ नियमों के अनुसार उत्पादन के बाद अवशेषों (खोल) को पूरी तरह नष्ट करना अनिवार्य होता है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए कार्यवाहक जिला पुलिस अधीक्षक मितुन कुमार दे ने कहा:”हमने बड़े पैमाने पर मादक द्रव्य विरोधी अभियान चलाकर कई बीघा अवैध पोस्त की खेती को नष्ट कर दिया है। मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी गई है। जो भी लोग इस अवैध कारोबार के पीछे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”पुलिस अब इस बात की कड़ियाँ जोड़ रही है कि इस प्रतिबंधित खेती के पीछे स्थानीय लोगों के अलावा और किन बड़े तस्करों का हाथ है।
