भारत में सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है, जो कुल कैंसर मामलों में २०% की हिस्सेदारी रखता है। राहत की बात यह है कि समय पर टीकाकरण और शुरुआती जांच के माध्यम से इनमें से ९०% मामलों को रोका जा सकता है। हालांकि, जागरूकता और पहुंच की कमी के कारण ३० से ४९ वर्ष की २% से भी कम महिलाओं की नियमित जांच हो पाती है। इस गंभीर समस्या का सबसे सरल समाधान एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) वैक्सीन है, जो इस बीमारी के विरुद्ध एक मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान करती है।
टाटा एआईजी हेल्थ अपने ‘हेल्थ बडी’ प्रोग्राम के माध्यम से परिवारों को उनके स्वास्थ्य पर बेहतर नियंत्रण रखने के लिए सशक्त बना रहा है। इस पहल के तहत उपभोक्ता अब रियायती दरों पर एचपीवी टीकाकरण की सुविधा आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। टाटा एआईजी का यह प्रयास न केवल बाहरी अपॉइंटमेंट और जटिल प्रक्रियाओं की परेशानी को दूर करता है, बल्कि यह सुनिश्चित करता है कि परिवार समय रहते निवारक कदम उठा सकें। यह सेवा विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती है जो अक्सर जानकारी के अभाव में टीकाकरण से वंचित रह जाती हैं।
