आज के बदलते वित्तीय परिवेश में बीमा सलाहकार की भूमिका एक बड़े बदलाव से गुजर रही है, जहाँ युवा पेशेवर इसे एक उद्यम के रूप में अपना रहे हैं। टाटा एआईए अपने प्लेटफॉर्म ‘टाटा एआईए ऑरा’ के माध्यम से सलाहकारों को सशक्त बना रहा है, ताकि वे केवल बीमा विक्रेता न रहकर एक सफल उद्यमी बन सकें। वर्तमान में भारत में 31.5 लाख से अधिक जीवन बीमा सलाहकार परिवारों के भविष्य को सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। हालांकि, भारत की जीडीपी में जीवन बीमा का हिस्सा वित्त वर्ष 24 में केवल 3.7% है, जो इस क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाओं को दर्शाता है।
टाटा एआईए में सलाहकार वितरण प्रमुख, अमित दवे के अनुसार, कंपनी अपने सलाहकारों को केवल सेल्स एजेंट नहीं बल्कि भविष्य सुरक्षित करने वाले मार्गदर्शक के रूप में देखती है। ‘टाटा एआईए ऑरा’ प्रोग्राम सलाहकारों को अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिए आवश्यक टूल, मेंटरशिप (मार्गदर्शन) और रणनीतिक दिशा-निर्देश प्रदान करता है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्राहकों की जरूरतों को प्राथमिकता देना और सलाहकारों की सफलता को पूरे भारत में परिवारों की सुरक्षा के विशाल लक्ष्य के साथ जोड़ना है, ताकि समाज पर एक दीर्घकालिक और सकारात्मक प्रभाव डाला जा सके।
