अक्षय तृतीया का पावन पर्व यानी नई शुरूआत की उमंग और शहनाईयों की गूंज! इस शुभ अवसर पर तनिष्क का वेडिंग ज्वेलरी सब-ब्रांड ‘रिवाह बाए तनिष्क’ ने पेश किया है अपना विशेष ब्राइडल ज्वेलरी कलेक्शन – ‘मैथिली’। क्षेत्र की संस्कृति की झलक दिखाता हुआ यह कलेक्शन, मधुबनी कला की शाश्वत सुंदरता से प्रेरित है। मधुबनी कला के पक्षियों, साथियों, गीतों और परंपराओं से प्रेरित इस कलेक्शन में कमल, मोर और मछली जैसे सुंदर रूपांकनों को सोने की कलाकृतियों में बहुत ही खूबसूरती से उतारा गया है। 18 कैरेट सोने का यह वेडिंग कलेक्शन, सूक्ष्म कलाकारी और आधुनिक कारीगरी का एक बेहतरीन संगम है।
बारीक फिलीग्री, जटिल रवा कारीगरी और प्रतीकात्मक बारीकियों से इस कलेक्शन को सजाया गया है। यह सिर्फ आभूषण नहीं, अटूट साथ की निशानी और दुल्हन के खूबसूरत सफर की कहानी हैं। चोकर और हार से लेकर झुमके और नथिया तक—यह कलेक्शन पेश करता है बिहारी शादी की हर रस्म के लिए दुल्हन का संपूर्ण शृंगार। सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण चूड़ामणि का सम्मान करते हुए, तनिष्क ने रामायण काल के इस पारंपरिक आभूषण को आज की दुल्हन के लिए एक नया रूप दिया है। यह न केवल एक बहुमूल्य विरासत है, बल्कि दुल्हन के व्यक्तित्व की सुंदर अभिव्यक्ति भी है। आज की आधुनिक दुल्हन की पसंद को ध्यान में रखते हुए, इसे पेंडेंट की तरह भी पहना जा सकता है। अशोक वाटिका, पुष्पक विमान और भगवान राम के धनुष-बाण से प्रेरित ये डिज़ाइन, इस कलेक्शन को हमारी महान विरासत और कहानियों से गहराई से जोड़ते हैं।
इस कलेक्शन की एक और खूबी है, अपनी तरह का पहला, बहुत ही अनोखा ‘मॉड्यूलर मांग टीका’। इस बहुपयोगी डिज़ाइन को आप अपनी पसंद के हिसाब से अलग-अलग तरह से पहन सकती हैं। कमल और मोर के पारंपरिक रूपांकनों से सजा यह मांग टीका सिर्फ एक दिन के लिए नहीं है। इसके हिस्सों को अलग कर आप पेंडेंट की तरह पहन सकती हैं, ताकि आपकी सांस्कृतिक विरासत शादी के बाद भी आपके शृंगार का हिस्सा बनी रहे। इस नवाचार ने हर आभूषण को न केवल सुंदर और अर्थपूर्ण बनाया है, बल्कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में पहनने के लिए भी पूरी तरह आसान और आरामदायक भी किया है।
