दुनिया के सबसे बड़े ट्रैक्टर निर्माताओं में से एक, ट्रैक्टर्स एंड फार्म इक्विपमेंट लिमिटेड (TAFE) ने 2 अप्रैल 2026 को भवानी मंडी में अपने अनुकूली अनुसंधान केंद्र, TAFE जेफार्म (JFarm) राजस्थान का उद्घाटन किया, जो टिकाऊ कृषि पद्धतियों को साझा करके कृषि उत्पादकता और किसानों की समृद्धि को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है।
कार्यक्रम की शुरुआत में श्री टी.आर. केशवन, ग्रुप प्रेसिडेंट – कॉर्पोरेट रिलेशन एंड अलायन्सेज, ने एक विशेष संबोधन प्रस्तुत किया। टैफे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री संदीप सिन्हा ने स्थानीय सरकारी संगठनों के प्रमुख सदस्यों, राजस्थान डीलर पार्टनरों और सबसे महत्वपूर्ण अतिथियों – अपने ग्राहकों की उपस्थिति में इस केंद्र का उद्घाटन किया।
इस केंद्र का उद्देश्य किसानों को केवल व्यावहारिक जानकारियाँ प्रदान करना ही नहीं, बल्कि रियल-टाइम निदर्शन के माध्यम से उन्हें सशक्त बनाना भी है, ताकि उनकी उत्पादकता और दक्षता में सुधार हो सके। किसानों को इस केंद्र में कृषि विज्ञान के साथ-साथ कृषि पद्धतियों में नवीनतम प्रगतियों की जानकारी मिलेगी, जैसे कि फसल उत्पादन, संरक्षण और प्रसंस्करण के रुझान, साथ ही भारतीय कृषि परिस्थितियों के अनुकूल अपनाए गए विश्व स्तरीय कृषि मशीनीकरण समाधान भी प्रदर्शित होंगे।
JFarm भवानी मंडी केंद्र किसानों की सक्रिय भागीदारी के साथ राजस्थान के कृषि परिदृश्य को अधिक उत्पादकशील तथा संधारणीय भविष्य की ओर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। टैफे अपने ग्राहकों को सशक्तीकरण प्रदान कर, एक प्रगतिशील, आत्मनिर्भर और समृद्ध कृषि समुदाय बनाने की दिशा में प्रयासरत है।
टैफे की विशिष्ट कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण पहल – JFarm की स्थापना 1964 में चेन्नई के केलंबक्कम में हुई थी और तब से यह कृषि मशीनीकरण और जमीनी स्तर पर कृषि आवश्यकताओं के बीच की खाई को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। केलंबक्कम के अलावा, तेलंगाना में भी एक JFarm केंद्र मौजूद है। राजस्थान की JFarm और उत्पाद प्रशिक्षण केंद्र (पीटीसी) एक सीएसआर (कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) पहल है और देश में यह इस प्रकार का तीसरा केंद्र है।
उद्घाटन के अवसर पर, टैफे की वाइस चेयरमैन डॉ. लक्ष्मी वेणु ने कहा, “हमारा मानना है कि क्षेत्र विशिष्ट ज्ञान, उपयुक्त प्रौद्योगिकी और संधारणीयता अपनाकर ही भारतीय कृषि प्रगति को गति मिल सकती है। JFarm राजस्थान का उद्घाटन इसी विश्वास का प्रतिबिंब है, साथ ही हम अपनी सीएसआर पहलों के माध्यम से किसानों के विकास में उनके साझेदार बनने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
