संयुक्त अरब अमीरात और ओमान में खेले जा रहे आईसीसी टी-20 विश्व कप 2021 में बुधवार को अबु धाबी में भारत और अफ़ग़ानिस्तान आमने सामने थे. भारत इस मैच में करो या मरो वाली हालत के साथ-साथ, अगर-मगर, किंतु-परंतु और कुछ उलटफेर होने वाली संभावनाओं के साथ मैदान में उतरा.
अगर-मगर ऐसे कि वह अफ़ग़ानिस्तान को बड़े अंतर से हरा दे, फ़िर उम्मीद करे कि अगले मुक़ाबले में अफ़ग़ानिस्तान, न्यूज़ीलैंड को हरा दे. यही नहीं, भारत अपने नामीबिया और स्कॉटलैंड के ख़िलाफ़ होने वाले मैच को भी एकतरफ़ा जीते, और वह भी 140-160 रनों के विशाल अंतर से, और स्कॉटलैंड भी न्यूज़ीलैंड को हरा दे.
क्रिकेट में आँकड़े बदलते रहते हैं. साल 2017 में हुई आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफ़ी इस बात की गवाह है जब पाकिस्तान तमाम समीकरणों को सही साबित करता हुआ चैंपियन बनने में कामयाब रहा. वह भी फ़ाइनल में भारत को हराकर.
ख़ैर तब जो हुआ सो हुआ, लेकिन इस बार तमाम समीकरणों का भारत के अनुरूप होना दूर की कौड़ी लगता है. अपनी इस हालत के लिए भारत ख़ुद ज़िम्मेदार है क्योंकि वह पहले पाकिस्तान से दस और उसके बाद न्यूज़ीलैंड से आठ विकेट से हारा.
दूसरी तरफ़ अफ़ग़ानिस्तान दो जीत और एक हार के साथ भारत के ख़िलाफ़ मैदान में उतरा. अफ़ग़ानिस्तान ने स्कॉटलैंड को 130 रनों के बड़े अंतर से, और नामीबिया को 62 रन से हराया. वह पाकिस्तान से कड़े संघर्ष के बाद पाँच विकेट से हारा.
अफ़ग़ानिस्तान से मुक़ाबले से पहले भारत प्वाइंट टेबल में लगातार दो हार के बाद नामीबिया के भी बाद पाँचवें स्थान पर था.
उसके खाते में कोई अंक नहीं था और रन रेट -1.609, जो नामीबिया से भी ख़राब था. नामीबिया के खाते में तीन मैचों में दो हार, एक जीत, दो अंक और रन रेट -1.600 था.