बांकुरा के सोनामुखी बी.जे. हाई स्कूल में पेड़ की जड़ों पर बैठकर मिड-डे मील खा रहे छात्र

बांकुरा ज़िले के सोनामुखी शहर के प्राचीन और प्रतिष्ठित सोनामुखी बी.जे. हाई स्कूल का एक दर्दनाक चित्र सामने आया है, जहाँ आज भी बच्चों को साफ–सुथरे, सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में मिड-डे मील  खाने का अधिकार नहीं मिल पा रहा। पश्चिम बंगाल के  कई विद्यालयों में मिड-डे मील के लिए अलग सेड की व्यवस्था  है पर इस नामी विद्यालय में  छात्रों को बरामदे की धूल में, कहीं खड़े होकर, तो कहीं पेड़ की जड़ों को आसन बनाकर खाना खाना पड़ रहा है।

यह दृश्य किसी पुरानी व्यवस्था की तरह प्रतीत होता है, जो इस प्रतिष्ठित स्कूल की মর্যादा के साथ बिल्कुल मेल नहीं खाता। मिड-डे मील योजना का মূল उद्देश्य बच्चों को पोषण, स्वच्छता और सम्मान प्रदान करना है, लेकिन सेड के अभाव में बच्चों को प्रतिदिन असुविधाजनक और धूलभरी जगह में भोजन करने को मजबूर होना पड़ता है, जो उनके स्वास्थ्य और मानसिकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।

यह स्थिति अब तत्काल सुधार की मांग करती है। स्थानीय प्रशासन, शिक्षा विभाग और जनप्रतिनिधियों के प्रति निवेदन है कि इस मुद्दे पर जल्द ध्यान दें, ताकि इस स्कूल के बच्चों को अब और धूल में या पेड़ की जड़ों पर बैठकर भोजन न करना पड़े।

By Sonakshi Sarkar