शनिवार से सिलीगुड़ी के एसडीओ (SDO) कार्यालय में एसआईआर (Special Investigation Report/Hearing) की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। जमीन और दस्तावेजों से जुड़ी इस महत्वपूर्ण हीयरिंग के दौरान आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और उनमें किसी तरह का डर या भ्रम न फैले, इसके लिए विभिन्न राजनीतिक दलों ने कार्यालय के बाहर ‘हेल्प डेस्क’ शिविर लगाए हैं।इस मौके पर सत्तापक्ष और विपक्ष, दोनों के प्रमुख नेता मौजूद रहे और उन्होंने इस प्रक्रिया पर अपनी-अपनी राय रखी।पपिया घोष (तृणमूल कांग्रेस, दार्जिलिंग जिला समतल सभानेत्री): ने प्रक्रिया में हो रही जल्दबाजी पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, “एसआईआर एक लंबी प्रक्रिया है जिसे पूरा होने में सामान्यतः दो से ढाई साल लगते हैं। लेकिन अब इसे एक से डेढ़ महीने के भीतर पूरा करने की कोशिश की जा रही है, जिसके कारण आम जनता को काफी परेशानी और भाग-दौड़ का सामना करना पड़ रहा है।”शंकर घोष (भाजपा विधायक, सिलीगुड़ी): ने हीयरिंग प्रक्रिया का जायजा लिया और कहा, “एसआईआर को लेकर लोगों के मन में कोई आतंक नहीं है।
आज जिन लोगों को हीयरिंग के लिए बुलाया गया है, वे केवल छोटी-मोटी तकनीकी त्रुटियों या दस्तावेजी सुधार के कारण आए हैं।”एसडीओ कार्यालय के बाहर विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता लोगों के कागजात जांचने और उन्हें सही काउंटर तक पहुँचाने में मदद कर रहे हैं। प्रशासन और राजनीतिक दलों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोग किसी भी तरह की कानूनी पेचीदगियों को लेकर घबराएं नहीं।
