सिलीगुड़ी में सौ साल पूरे करने जा रहा है ऐतिहासिक मित्र सम्मिलनी दुर्गा पूजा, शताब्दी वर्ष को लेकर विशेष तैयारी

सिलीगुड़ी की ऐतिहासिक और पारंपरिक मित्र सम्मिलनी की दुर्गा पूजा इस वर्ष अपने सौ साल (शताब्दी वर्ष) में प्रवेश कर चुकी है। इस ऐतिहासिक पूजा को लेकर इस बार पूजा समिति ने विशेष आयोजनों की तैयारी की है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर आयोजकों ने दुर्गा पूजा के विभिन्न आयोजनों, शताब्दी वर्ष के इतिहास और इस बार के विशेष कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

मित्र सम्मिलनी का सिलीगुड़ी के सांस्कृतिक इतिहास के साथ बहुत पुराना नाता है। इस क्लब की शुरुआत बीसवीं शताब्दी की शुरुआत में हुई थी और बाद में यहां का दुर्गोत्सव शहर की सबसे पारंपरिक और प्रतिष्ठित पूजा के रूप में जाना जाने लगा। अलग-अलग समय में इस पूजा के साथ सिलीगुड़ी की नाट्य और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी गहरा संबंध रहा है।

आयोजकों ने बताया कि इस बार पूजा के 100वें वर्ष में पहुँचने के कारण पुरानी परंपराओं को बनाए रखने के साथ-साथ कुछ विशेष कार्यक्रम भी तय किए गए हैं। इस बार का आयोजन पूजा की प्राचीनता, नियमों और रीति-रिवाजों तथा लंबे समय से चली आ रही परंपरा को सामने रखकर किया जा रहा है।

गौरतलब है कि मित्र सम्मिलनी की दुर्गा पूजा का इतिहास काफी पुराना है। पहले भी प्रकाशित रिपोर्टों में इस पूजा को सिलीगुड़ी के सबसे प्राचीन दुर्गोत्सवों में से एक बताया गया है। परंपरा के अनुसार, यहाँ निर्धारित समय पर ही प्रतिमा विसर्जन करने की प्रथा भी लंबे समय से चली आ रही है।

By Sonakshi Sarkar