पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच सिलीगुड़ी के राजनीतिक गलियारों में उस समय हलचल तेज हो गई, जब सिलीगुड़ी नगर निगम के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘टॉक टू मेयर’ पर चुनाव आयोग ने रोक लगा दी। हालांकि, सिलीगुड़ी के मेयर और तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी गौतम देव ने इसका काट निकालते हुए शनिवार को अपने घर से ही ‘टॉक टू गौतम’ नामक नया अभियान शुरू कर दिया। सिलीगुड़ी से भाजपा प्रत्याशी शंकर घोष ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) में शिकायत दर्ज कराई थी कि चुनाव आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू होने के बावजूद सरकारी मंच का उपयोग कर ‘टॉक टू मेयर’ कार्यक्रम आयोजित करना नियमों का उल्लंघन है।
इस शिकायत के आधार पर चुनाव आयोग ने नगर निगम कार्यालय से होने वाले इस साप्ताहिक कार्यक्रम पर तुरंत रोक लगाने का निर्देश दिया।गौतम देव ने हार न मानते हुए शनिवार सुबह 11 बजे से अपने निजी आवास से फेसबुक लाइव के माध्यम से जनता से जुड़ने का फैसला किया। ‘टॉक टू गौतम’ के पहले ही दिन उन्हें शहर के विभिन्न हिस्सों से 32 फोन कॉल्स आए। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने सड़क, जल निकासी और सफाई जैसी नागरिक समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। मेयर ने इन सभी शिकायतों को विस्तार से सुना और उन्हें दर्ज किया।
मीडिया और आम जनता से बात करते हुए गौतम देव ने कहा:
“चूंकि अभी चुनाव चल रहे हैं और आचार संहिता लागू है, इसलिए हम फिलहाल शिकायतों को सिर्फ पंजीकृत (Document) कर रहे हैं। मतदान प्रक्रिया संपन्न होते ही इन समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, किसी भी आपातकालीन समस्या (Emergency issues) के लिए मैंने तत्काल सहायता का आश्वासन दिया है।”
जानकारों का मानना है कि भाजपा की शिकायत के बाद गौतम देव का यह कदम उनके ‘प्रो-एक्टिव’ इमेज को और मजबूत कर सकता है। सरकारी मंच न मिलने पर निजी तौर पर जनता से जुड़ना उनके प्रचार अभियान का एक हिस्सा भी माना जा रहा है।
