प्रेस्क्रिप्शन में लापरवाही के आरोप से उग्र हुआ सिलीगुड़ी जिला अस्पताल

सिलीगुड़ी जिला अस्पताल में चिकित्सकों की ओर से लिखे जा रहे प्रेस्क्रिप्शन में कथित लापरवाही के आरोप को लेकर बुधवार को बंगीय हिंदू महामंच के कार्यकर्ता उग्र हो उठे। संगठन के सदस्य बड़ी संख्या में अस्पताल परिसर पहुंचे और अस्पताल सुपर के कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कई चिकित्सकों द्वारा लिखे गए प्रेस्क्रिप्शन में दवाओं के नाम बेहद अस्पष्ट और अपठनीय होते हैं, जिससे मेडिकल दुकानों में सही दवा समझना और उपलब्ध कराना मुश्किल हो जाता है। इसके कारण मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है और इलाज में अनावश्यक देरी होती है।

इसके साथ ही संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिवारजनों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता है। बंगीय हिंदू महामंच का दावा है कि अस्पताल के कुछ चिकित्सक, नर्स और अन्य कर्मचारी अपने व्यवहार से चिकित्सा नैतिकता का उल्लंघन कर रहे हैं, जिससे मरीजों के मौलिक मानवाधिकार भी प्रभावित हो रहे हैं। इस तरह की घटनाओं की बार-बार पुनरावृत्ति को लेकर संगठन ने गहरी चिंता जताई है।

संगठन के नेताओं का कहना है कि सरकारी अस्पतालों की जिम्मेदारी केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों और उनके परिजनों के साथ मानवीय और संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो संगठन ने बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है। वहीं इस पूरे मामले पर अस्पताल सुपर चंदन घोष ने कहा कि उन्हें इस संबंध में अभी तक कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। यदि कोई शिकायत आती है, तो मामले की जांच अवश्य की जाएगी।

By Sonakshi Sarkar