शहर के बाघा जतीन पार्क इलाके में स्थित एक मोमो दुकान पर विरोध प्रदर्शन करते हुए सीआईटीयू (CITU) ने मोमो फैक्ट्री में हुए हादसे को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। इस दौरान संगठन ने प्रशासन को एक डेपुटेशन सौंपा और पीड़ित श्रमिकों के हक में आवाज बुलंद की। CITU नेता गौतम घोष ने फैक्ट्री प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संबंधित मोमो फैक्ट्री में अग्निशमन की कोई व्यवस्था नहीं थी।
उन्होंने दावा किया कि सुरक्षा नियमों की भारी अनदेखी ही इस भीषण दुर्घटना का मुख्य कारण बनी। घोष ने यह भी मांग की कि जब तक मामले में पूर्ण न्याय और उचित मुआवजा सुनिश्चित नहीं हो जाता, तब तक प्रभावित श्रमिकों का नियमित वेतन जारी रखा जाना चाहिए।
आंदोलनकारियों ने सरकार और प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
मंत्री का इस्तीफा: राज्य के संबंधित मंत्री मलय घटक के तत्काल इस्तीफे की मांग।
दोषियों पर कार्रवाई: दुर्घटना के लिए जिम्मेदार फैक्ट्री मालिकों की तत्काल गिरफ्तारी और उन्हें कठोर सजा।
उचित मुआवजा: मृतक और लापता श्रमिकों के परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता और मुआवजा प्रदान करना।
सीआईटीयू नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि यह विरोध केवल सिलीगुड़ी तक सीमित नहीं रहेगा। संगठन ने घोषणा की है कि इस घटना के विरोध में राज्य भर की सभी मोमो फैक्ट्री शाखाओं के सामने आंदोलन किया जाएगा। नेतृत्व ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा।
