सिलीगुड़ी: ‘बंगीय हिंदू महामंच’ की हुंकार, उत्तर बंगाल को बांग्लादेशी कट्टरवाद से मुक्त करने का आह्वान

बंगीय हिंदू महामंच (उत्तर बंगाल इकाई) की ओर से शुक्रवार को सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट क्लब में एक महत्वपूर्ण संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस बैठक में उत्तर बंगाल की वर्तमान सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर संगठन ने अपना कड़ा रुख स्पष्ट किया। कट्टरवाद के खिलाफ एकजुटता की अपील: प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए संगठन के नेताओं ने उत्तर बंगाल को ‘बांग्लादेशी कट्टरपंथी प्रभाव’ से मुक्त बनाने का आह्वान किया।

वक्ताओं ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण इस इलाके में सामाजिक सद्भाव और सनातनी संस्कृति की सुरक्षा करना अत्यंत आवश्यक है। संगठन का मुख्य उद्देश्य घुसपैठ और कट्टरवाद के खिलाफ जन-जागरूकता बढ़ाना है। हिरण्मय गोस्वामी महाराज का संबोधन: इस अवसर पर विशिष्ट सनातनी कथावाचक प्रभु हिरण्मय गोस्वामी महाराज विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा, “समाज में शांति और अखंडता बनाए रखने के लिए सनातनी मूल्यों और संस्कृति की रक्षा अनिवार्य है। हमें एक सुसंगत समाज के निर्माण के लिए मतभेदों को भुलाकर एकजुट होना होगा।”

भावी रणनीति और कार्यक्रम: बंगीय हिंदू महामंच के अध्यक्ष विक्रमादित्य मंडल ने पत्रकारों को बताया कि संगठन आने वाले दिनों में उत्तर बंगाल के हितों की रक्षा के लिए कई बड़े कार्यक्रम आयोजित करेगा। उन्होंने मीडिया से अपील की कि संगठन की विचारधारा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े संदेशों को आम जनता तक पहुँचाने में सहयोग करें। प्रमुख उपस्थिति: बैठक में संगठन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य भी मौजूद रहे, जिन्होंने उत्तर बंगाल की सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान को लेकर चिंता व्यक्त की।

By Sonakshi Sarkar