उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप जारी है। तीस्ता नदी के किनारे बसे इस जिले में तापमान गिरकर 9 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है, जिससे पूरा इलाका ठिठुरने को मजबूर है। कोहरे की घनी चादर ने चारों ओर दृश्यता कम कर दी है, जिसके कारण जनजीवन की रफ्तार धीमी पड़ गई है। अत्यधिक ठंड के कारण शहर की सुबह काफी देरी से हो रही है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है और लोगों की आवाजाही बेहद कम देखी जा रही है। बाजार और दुकानें भी सामान्य समय से काफी देरी से खुल रही हैं। ठंड का सबसे ज्यादा असर प्राथमिक स्कूलों पर पड़ा है, जहाँ छात्रों की उपस्थिति में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, दार्जिलिंग में तापमान शून्य के करीब पहुँच चुका है और सिक्किम में लगातार बर्फबारी हो रही है। पहाड़ों से आने वाली इन बर्फीली हवाओं ने डुआर्स और जलपाईगुड़ी के मैदानी इलाकों में कनकनी बढ़ा दी है। लोग ठंड से बचने के लिए सड़कों के किनारे आग तापते (अलाव जलाते) नजर आ रहे हैं, जबकि चाय की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है। इस हाड़ कँपा देने वाली ठंड के बीच बुजुर्गों की हालत सबसे ज्यादा खराब है।
विडंबना यह है कि इस भीषण ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों को सुबह से ही एस.आई.आर. (SIR) सुनवाई के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है। कई महिलाएं अपने गोद के बच्चों के साथ कतारों में खड़ी दिखीं, तो वहीं बुजुर्ग खुद को कंबलों में लपेटकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
