रिम्स ने 2025 में दर्ज की ऐतिहासिक उपलब्धियां, 2026 में स्वास्थ्य सेवाओं में आएगा नया बदलाव

राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) ने वर्ष 2025 में चिकित्सा सेवाओं, अधोसंरचना, शैक्षणिक विकास और प्रशासनिक सुधार के क्षेत्र में अनेक उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज की हैं। निदेशक प्रो. डॉ. राज कुमार ने बताया कि रिम्स का प्राथमिक लक्ष्य राज्यवासियों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना रहा है।

रेडियोलॉजी विभाग में अत्याधुनिक 3 टेस्ला एमआरआई मशीन की स्थापना क्षेत्रीय नेत्र संस्थान भवन का निर्माण कार्य पूरा ऑन्कोलॉजी भवन में 70 बेड क्षमता बढ़ी, न्यूरोलॉजी व न्यूरोसर्जरी वार्ड तैयार मरीजों के लिए 24×7 पैथोलॉजिकल जांच सुविधा हेतु सेंट्रल लैब की शुरुआत छात्रों के लिए 500 बेड वाला नया छात्रावास भवन बीएसएल-3 लैब और नया कैंटीन भवन तैयार महिला चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और दिव्यांगों के लिए 5 ई-कार्ट सुरक्षा को लेकर 1136 सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू 103 नए पदों का सृजन, कर्मचारियों को पदोन्नति व सेवा लाभ अतिक्रमित भूमि मुक्त कर चहारदीवारी निर्माण की शुरुआतरिम्स निदेशक डॉ. राज कुमार ने बताया कि वर्ष 2026 में मरीजों को और अधिक उन्नत सुविधाएं देने के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं प्रस्तावित हैं।

ट्रॉमा सेंटर का विस्तार नए आईसीयू और ओटी भवनों का निर्माण कैंसर मरीजों के लिए लिनैक मशीन की स्थापना हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड का संचालन ताकि दवा और सर्जिकल सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित हो एमबीबीएस, पीजी, नर्सिंग और सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों में सीट वृद्धि का प्रस्ताव फायर फाइटिंग सिस्टम और गैस पाइपलाइन जैसी सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तार डॉ. राज कुमार ने कहा — “रिम्स राज्य सरकार और हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप पारदर्शिता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रहा है। हमारा लक्ष्य रिम्स को पूर्वी भारत का अग्रणी चिकित्सा संस्थान बनाना है।

By Piyali Poddar