आरजी कर मेडिकल कॉलेज की दिवंगत डॉक्टर ‘अभया’ (परिवर्तित नाम) का जन्मदिन सोमवार दोपहर बारासात के डाक बंगला स्थित कैलाश नगर मैदान में भावुक माहौल में मनाया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन ‘शहरर बागान’ नामक एक फेसबुक पेज के सदस्यों द्वारा किया गया था।
इस अवसर पर पीड़िता के माता-पिता के साथ-साथ फेसबुक पेज के सैकड़ों सदस्य मौजूद रहे। अपनी बेटी को याद करते हुए अभया की मां ने कहा कि वे आज भी न्याय की उम्मीद में दिन गिन रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य पुलिस और सीबीआई (CBI) से उनका भरोसा पहले ही उठ चुका है, अब उनकी एकमात्र उम्मीद देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) पर टिकी है।
कार्यक्रम के दौरान अभया की मां ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए अपना क्षोभ प्रकट किया। उन्होंने हाल ही में एसआईआर (SIR) मामले में मुख्यमंत्री के सुप्रीम कोर्ट जाने का जिक्र करते हुए सवाल किया कि उनकी बेटी के न्याय के लिए मुख्यमंत्री ने उसी तत्परता से अदालत का रुख क्यों नहीं किया।
बेटी की यादों को जीवित रखने और न्याय के संकल्प को दोहराने के लिए माता-पिता ने वहां मौजूद सभी लोगों को गुलाब के पौधे भेंट किए। साथ ही, अभया की मां घर से अपने हाथों से बना ‘पायस’ (खीर) लेकर आई थीं, जिसे उन्होंने सभी के बीच वितरित किया।
पिछले कुछ समय से बाजार में यह चर्चा गर्म थी कि अभया के माता-पिता आगामी विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बन सकते हैं। हालांकि, अभया के पिता ने इन अफवाहों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा:
“हम किसी भी राजनीतिक दल से चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। हमारा एकमात्र उद्देश्य अपनी बेटी के असली कातिलों को सजा दिलाना है। यह किसी दल की नहीं, बल्कि मानवाधिकार की लड़ाई है।”
