साहूडांगी श्मशान घाट का कायाकल्प: SJDA ने सिलीगुड़ी नगर निगम को सौंपी ‘वतरणी’ इलेक्ट्रिक चूल्हे की जिम्मेदारी

सिलीगुड़ी और आसपास के निवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। साहूडांगी श्मशान घाट स्थित ‘वैतरणी’ इलेक्ट्रिक चूल्हे (विद्युत शवदाह गृह) के रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी अब आधिकारिक तौर पर सिलीगुड़ी नगर निगम (SMC) ने ले ली है। आज एक औपचारिक कार्यक्रम के माध्यम से सिलीगुड़ी जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण (SJDA) ने इसे नगर निगम को हस्तांतरित कर दिया। पृष्ठभूमि और चुनौतियाँज्ञात हो कि साल 2017 में उत्तर बंगाल विकास विभाग ने ‘वैतरणी’ परियोजना के तहत इस इलेक्ट्रिक चूल्हे का निर्माण किया था और इसे SJDA को सौंप दिया था।

हालांकि, आर्थिक समस्याओं और तकनीकी रखरखाव के अभाव में SJDA इसे सुचारू रूप से चलाने में विफल रहा। पिछले कई वर्षों से यहाँ का इलेक्ट्रिक चूल्हा बंद पड़ा था, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। किरण चंद्र श्मशान घाट का विकल्प साहूडांगी श्मशान घाट न केवल डबग्राम-फूलबाड़ी विधानसभा क्षेत्र, बल्कि सिलीगुड़ी शहर और आसपास के इलाकों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। सिलीगुड़ी के मुख्य किरण चंद्र श्मशान घाट पर दबाव कम करने के लिए लोग इसे एक प्रमुख विकल्प के रूप में उपयोग करते हैं। नगर निगम द्वारा जिम्मेदारी लेने से अब यहाँ आधुनिक सुविधाएं बहाल होने की उम्मीद है।

हस्तांतरण समारोह आज आयोजित इस आधिकारिक हस्तांतरण कार्यक्रम में सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर, डिप्टी मेयर, चेयरमैन और SJDA के वरिष्ठ अधिकारियों सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। मेयर ने इस अवसर पर कहा कि अब नगर निगम इस श्मशान घाट का उचित रखरखाव सुनिश्चित करेगा ताकि स्थानीय लोगों को अंतिम संस्कार के लिए भटकना न पड़े। चूल्हे की मरम्मत और बुनियादी ढांचे के विकास का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

By Sonakshi Sarkar