भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट को ५.२५ प्रतिशत पर यथावत रखने के निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए ‘पूर्ति रियल्टी’ के प्रबंध निदेशक महेश अग्रवाल ने इसे एक नपा-तुला और दूरदर्शी कदम बताया है। अग्रवाल के अनुसार, वैश्विक स्तर पर बनी अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनावों के बीच आरबीआई का यह फैसला रियल एस्टेट क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करेगा। ब्याज दरों में बदलाव न होने से होम लोन की ईएमआई स्थिर रहेगी, जिससे घर खरीदारों का मनोबल बना रहेगा और बाजार में मांग की गति को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
हालांकि, उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यदि रेपो रेट में कटौती की जाती, तो इससे नए ग्राहकों को आकर्षित करने और मांग को और अधिक बढ़ावा देने में मदद मिलती। उन्होंने कहा कि आरबीआई का मुद्रास्फीति (महंगाई) पर सतर्क रुख यह संकेत देता है कि डेवलपर्स को भविष्य में वित्तीय रूप से अनुशासित और अनुकूलनशील रहने की आवश्यकता है। स्थिर ब्याज दरें न केवल ग्राहकों को समय पर प्रोजेक्ट पूरे होने का भरोसा दिलाती हैं, बल्कि डेवलपर्स को भी बेहतर योजना बनाने की सुविधा प्रदान करती हैं। इस स्थिरता से उम्मीद है कि आगामी तिमाहियों में आवासीय संपत्तियों की बिक्री में सकारात्मक वृद्धि देखने को मिलेगी।
