अरुणाचल प्रदेश के लेपा राडा जिले के बसर क्षेत्र में शोधकर्ताओं ने तितली की एक नई और अत्यंत दुर्लभ प्रजाति की खोज की है। इस प्रजाति का वैज्ञानिक नाम ‘यूथलिया जुबीनगार्गी’ रखा गया है, जो असम के प्रसिद्ध गायक और सांस्कृतिक महानायक जुबीन गर्ग को एक विशेष श्रद्धांजलि है। शोधकर्ता रोशन उपाध्याय और कालेश सदाशिवन ने इस खोज को ‘एंटोमोन’ पत्रिका में प्रकाशित किया है। इस तितली का सामान्य नाम ‘बसर ड्यूक’ प्रस्तावित किया गया है, जो इसके खोज स्थल की पहचान को दर्शाता है।
यह नई प्रजाति जैतून-भूरे रंग के पंखों वाली है, जिन पर सफेद निशान और हल्की चमक होती है। यह मुख्य रूप से ६०० से ७५० मीटर की ऊंचाई पर अर्ध-सदाबहार जंगलों के ठंडे और छायादार हिस्सों में पाई जाती है। अब तक इस प्रजाति के केवल दो नर नमूने ही देखे गए हैं, जिससे वैज्ञानिकों का मानना है कि यह प्रजाति अत्यंत दुर्लभ या बहुत ही सीमित भौगोलिक क्षेत्र तक ही सीमित हो सकती है। यह खोज उत्तर-पूर्वी भारत की समृद्ध जैव विविधता को रेखांकित करती है और साथ ही यह क्षेत्र के दिवंगत कलाकारों के प्रति विज्ञान और प्रकृति प्रेमियों के गहरे सम्मान को भी प्रकट करती है।
