भारत के सबसे भरोसेमंद न्यूट्रिशन ब्रांड्स में से एक प्रोटिनेक्स ने #NoChairDare नाम से एक राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य लोगों को एक आसान वॉल-सिट चैलेंज के माध्यम से अपनी मांसपेशियों की ताकत परखने के लिए प्रेरित करना है, ताकि बैठने वाली जीवनशैली और प्रोटीन की कमी के बढ़ते असर को लेकर जागरूकता बढ़ाई जा सके। यह अभियान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लाइव है और इंस्टाग्राम पर @protinexin के माध्यम से लोगों को इसमें भाग लेने के लिए आमंत्रित कर रहा है। प्रतिभागियों को महिलाओं के लिए औसतन 27 सेकंड और पुरुषों के लिए 34 सेकंड तक वॉल-सिट पोज़िशन में रहने की चुनौती दी जा रही है। यह एक सरल और व्यवहारिक पैमाना है, जो रोज़मर्रा की मसल स्ट्रेंथ का संकेत देता है। जो लोग यह चुनौती पूरी कर लेते हैं, उन्हें अपने संतुलित पोषण को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जाता है, जबकि जिन्हें कठिनाई होती है, उन्हें अपने दैनिक आहार और जीवनशैली में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने की सलाह दी जाती है।
इस अभियान को देशभर में व्यापक बनाने के लिए प्रोटिनेक्स ने 25 प्रमुख डिजिटल क्रिएटर्स और फिटनेस इन्फ्लुएंसर्स के साथ साझेदारी की है। आने वाले हफ्तों में और भी सहयोग जोड़े जाएंगे, ताकि बड़े स्तर पर भागीदारी और उपभोक्ता-आधारित वास्तविक कहानियों के जरिए मसल स्ट्रेंथ और पोषण पर सार्थक संवाद को बढ़ावा मिल सके। अभियान की फिल्म और यूज़र-जनरेटेड कंटेंट एक अहम सच्चाई को सामने लाते हैं — कई लोग मानते हैं कि उनका रोज़ाना का भोजन पर्याप्त प्रोटीन प्रदान करता है, लेकिन मांसपेशियों की वास्तविक ताकत अक्सर कुछ और ही संकेत देती है।
हालांकि स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ी है, फिर भी भारतीय वयस्कों को अपनी कुल दैनिक ऊर्जा का केवल 9–11% ही प्रोटीन से प्राप्त होता है, जिसका मुख्य कारण कार्बोहाइड्रेट-प्रधान आहार है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रोटीन की कमी की पहचान के लिए कोई एकमात्र परीक्षण पर्याप्त नहीं है, लेकिन मांसपेशियों की कार्यात्मक ताकत यह बताने का प्रभावी संकेत हो सकती है कि शरीर को पर्याप्त पोषण मिल रहा है या नहीं। प्रोटिनेक्स रोज़मर्रा के प्रोटीन गैप को कम करने में मदद करता है, क्योंकि इसकी एक सर्विंग दैनिक प्रोटीन आवश्यकता का 40% तक प्रदान करती है। उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन और BCAAs से समृद्ध इसका विशेष मिश्रण मांसपेशियों की मजबूती और दैनिक ऊर्जा को सपोर्ट करता है, जिससे प्रोटीन को अपनी दिनचर्या में शामिल करना आसान हो जाता है।
अभियान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए डैनोन इंडिया की मार्केटिंग डायरेक्टर, सुश्री प्रियंका वर्मा ने कहा: “#NoChairDare के माध्यम से हम पोषण संबंधी जागरूकता को केवल जानकारी तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि इसे व्यवहार में बदलना चाहते हैं। मसल स्ट्रेंथ ऐसी चीज़ है जिसे लोग तुरंत महसूस कर सकते हैं — और यही उन्हें यह सोचने के लिए प्रेरित करती है कि क्या उनका रोज़ाना का आहार वास्तव में उनके स्वास्थ्य का साथ दे रहा है। प्रोटिनेक्स का उद्देश्य प्रोटीन को संतुलित और सक्रिय जीवनशैली का एक आसान, दैनिक हिस्सा बनाना है।” #NoChairDare अभियान के जरिए प्रोटिनेक्स देशभर के लोगों को अपनी ताकत परखने, अपने पोषण पर विचार करने और बेहतर व स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए आमंत्रित करता है।
