पश्चिम बंगाल के झारग्राम जिले में आज ‘नेताई शहीद दिवस’ मनाया जा रहा है। साल 2011 में 7 जनवरी के दिन हुए उस खौफनाक नरसंहार की यादें आज भी ग्रामीणों के जेहन में ताजा हैं। इस ऐतिहासिक संघर्ष और शहीदों के बलिदान को सम्मान देने के लिए हर साल की तरह इस बार भी तृणमूल कांग्रेस (TMC) द्वारा भव्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।आज से ठीक 15 साल पहले, बिनपुर-1 ब्लॉक के लालगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नेताई गांव में एक हृदयविदारक घटना घटी थी।
आरोप है कि स्थानीय माकपा (CPIM) नेता रथीन दंडपाट के घर में शरण लिए सशस्त्र ‘हार्मद वाहिनी’ ने निहत्थे ग्रामीणों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाई थीं।इस नृशंस हमले में 4 महिलाओं सहित कुल 9 निर्दोष ग्रामीणों की जान गई थी, जबकि 28 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस घटना के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस हर साल इस दिन को ‘शहीद दिवस’ के रूप में मनाती आ रही है।नेताई शहीद स्मृति रक्षा समिति के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में आज शहीद वेदी के पास विशेष प्रार्थना सभा रखी गई है। तृणमूल कांग्रेस के राज्य स्तरीय और झारग्राम जिला नेतृत्व ने शहीद वेदी पर माल्यार्पण कर शहीदों को नमन किया।
कार्यक्रम में शहीद परिवारों के सदस्यों के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण भी शामिल हुए। इस अवसर पर न केवल शहीदों को याद किया गया, बल्कि शहीद परिवारों, उस घटना के घायलों और गांव के जरूरतमंद निवासियों को शीतकालीन वस्त्र (कंबल आदि) भी प्रदान किए गए।शहीद दिवस को लेकर पूरे नेताई गांव में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और कार्यकर्ताओं का जोश चरम पर है। सुबह से ही विभिन्न इलाकों से पार्टी समर्थकों का आना शुरू हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह दिन उनके हक की लड़ाई और प्रतिरोध का प्रतीक है जिसे वे कभी नहीं भूल सकते।
