शारदीय दुर्गोत्सव के बीच पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के शांतिपुर में इस बार मां दुर्गा के एक अनोखे और आकर्षक स्वरूप के दर्शन हो रहे हैं। यहां मां दुर्गा दस भुजाओं वाली महिषासुरमर्दिनी के पारंपरिक रूप में नहीं, बल्कि भगवान शिव के साथ शांत, सौम्य और द्विभुजा ‘शिवदुर्गा’ स्वरूप में पूजी जा रही हैं। करीब 8 फीट ऊंची इस प्रतिमा को देखकर श्रद्धालु और दर्शक काफी आकर्षित हो रहे हैं।
शांतिपुर के निवासी अतनु विश्वास के घर इस वर्ष दुर्गापूजा का आयोजन बिल्कुल अलग अंदाज में किया गया है। बताया जा रहा है कि शांतिपुर ही नहीं, बल्कि पूरे नदिया जिले में मां दुर्गा के इस अनोखे स्वरूप की पूजा विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस प्रतिमा की सबसे खास बात यह है कि इसे किसी पेशेवर मूर्तिकार या कुम्हारटुली से नहीं बनवाया गया है। अतनु विश्वास ने खुद अपने हाथों से लंबे समय की मेहनत, लगन और श्रद्धा के साथ लगभग 8 फीट ऊंची शिवदुर्गा की प्रतिमा तैयार की है।
आमतौर पर मां दुर्गा को दस भुजाओं में अस्त्र-शस्त्र धारण कर महिषासुर का वध करते हुए देखा जाता है। लेकिन यहां देवी दो भुजाओं वाले शांत और स्नेहमयी स्वरूप में भगवान शिव के साथ विराजमान हैं। देवी का यह अनूठा रूप शारदीय उत्सव में परंपरा और भक्ति की एक अलग छाप छोड़ रहा है। शांतिपुर में मां दुर्गा के इस विशिष्ट स्वरूप के दर्शन करने के लिए लोगों में उत्सुकता देखी जा रही है। अतनु विश्वास की कलात्मक प्रतिभा और भक्ति से तैयार यह प्रतिमा इस वर्ष के दुर्गोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो गई है।
