निवा बूपा ने भारत के अनसुने सुरक्षा नायकों को दी पहचान, इंडस्ट्री की पहली कॉफी टेबल बुक लॉन्च

भारतीय हेल्थ इंश्योरेंस सेक्टर में अपनी तरह की पहली पहल करते हुए, निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस ने अपने एडवाइजर्स की प्रेरणादायक यात्राओं को समर्पित एक कॉफी टेबल बुक लॉन्च की है—ये वे अनसुने नायक हैं जो परिवारों के स्वास्थ्य और वित्तीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह पुस्तक 40 एडवाइजर्स की सशक्त और भावनात्मक कहानियों को सामने लाती है, जिनमें ऐसे कई क्षण शामिल हैं जब उन्होंने केवल पॉलिसी बेचने से आगे बढ़कर मेडिकल इमरजेंसी में परिवारों का साथ दिया, जटिल डॉक्यूमेंटेशन में मदद की और जीवन के सबसे कठिन समय में क्लेम प्रोसेस को सहज बनाया। इन कहानियों के माध्यम से यह पहल न केवल उनके योगदान को सम्मान देती है, बल्कि अधिक लोगों को इंश्योरेंस एडवाइजरी को एक सार्थक करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित भी करती है। यह पहल ऐसे समय में आई है जब भारत का हेल्थ इंश्योरेंस इकोसिस्टम तेज़ी से बढ़ रहा है, लेकिन अभी भी एक बड़ा प्रोटेक्शन गैप मौजूद है। IRDAI की वार्षिक रिपोर्ट FY 2024–25 के अनुसार, भारत में कुल इंश्योरेंस पेनिट्रेशन जीडीपी का 3.7% है, जो कि वैश्विक औसत 7.3% से काफी कम है। नॉन-लाइफ सेगमेंट में यह आंकड़ा केवल 1% है, जबकि वैश्विक औसत 4.3% है।

इंडिविजुअल एजेंट्स इस इंडस्ट्री की रीढ़ बने हुए हैं और इस गैप को भरने में उनकी भूमिका बेहद अहम है। वे कुल हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम का 31% योगदान देते हैं और इंडिविजुअल हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम का 72% हिस्सा उनके माध्यम से आता है। हालांकि, ‘इंश्योरेंस फॉर ऑल बाय 2047’ के राष्ट्रीय विजन को हासिल करने के लिए एडवाइजर इकोसिस्टम को तेजी से विस्तार देने की आवश्यकता है। पूर्व IRDAI चेयरमैन देबाशीष पांडा के अनुसार, देश की जनसंख्या को प्रभावी रूप से कवर करने के लिए वर्तमान से लगभग तीन गुना अधिक डिस्ट्रीब्यूटर्स की जरूरत है। इस पहल पर अपनी बात रखते हुए, निमिष अग्रवाल, डायरेक्टर – डिजिटल बिजनेस एवं CMO, निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस ने कहा, “एडवाइजर्स इंश्योरर्स और कस्टमर्स के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में काम करते हैं। वे भरोसा बनाते हैं, पर्सनलाइज्ड सलाह देते हैं और जटिल प्रोडक्ट्स को सरल बनाते हैं। एक ऐसे देश में जहां बड़ी आबादी अब भी अंडरइंश्योर्ड है, उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। एडवाइजर बेस का विस्तार केवल ग्रोथ की आवश्यकता नहीं, बल्कि वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और देश के हर कोने तक सुरक्षा पहुंचाने के लिए एक राष्ट्रीय आवश्यकता है। साथ ही, इंडस्ट्री कई चुनौतियों का सामना कर रही है—जैसे उच्च एट्रिशन, कम एक्टिव एडवाइजर बेस और स्पेशलाइज्ड हेल्थ इंश्योरेंस एडवाइजर्स की कमी, जो हॉस्पिटलाइजेशन और क्लेम के दौरान ग्राहकों की मदद कर सकें। हमारे ‘काम में शान है’ कैंपेन के माध्यम से हम इन चुनौतियों का समाधान करने का प्रयास कर रहे हैं। यह कॉफी टेबल बुक इसी प्रयास का एक अहम हिस्सा है—यह हमारे एडवाइजर्स को सम्मान देने के साथ-साथ दूसरों को इस पेशे से जुड़ने के लिए प्रेरित करती है।”

यह कॉफी टेबल बुक निवा बूपा के ‘काम में शान है’ कैंपेन को आगे बढ़ाती है, जो इंश्योरेंस एडवाइजर्स की गरिमा, उद्देश्य और सामाजिक महत्व को उजागर करता है, और उन्हें केवल पॉलिसी बेचने वाले नहीं बल्कि सुरक्षा के भरोसेमंद साथी के रूप में स्थापित करता है। कैंपेन के अगले चरण में कंपनी ने निवा बूपा इंश्योरेंस अकादमी की भी शुरुआत की है—यह एक व्यापक लर्निंग और डेवलपमेंट पहल है, जिसका उद्देश्य एडवाइजर्स को ‘हेल्थ कैप्टन’ में बदलना है। इस अकादमी के माध्यम से 10 लाख से अधिक एडवाइजर्स को ट्रेन करने की योजना है, ताकि उन्हें एडवांस्ड प्रोडक्ट नॉलेज, कस्टमर एंगेजमेंट स्किल्स और डिजिटल क्षमताओं से सुसज्जित किया जा सके। विशेष रूप से ‘मोमेंट ऑफ ट्रुथ’ यानी क्लेम अनुभव के दौरान ग्राहकों का मार्गदर्शन करने पर जोर दिया जाएगा, ताकि उस महत्वपूर्ण समय में भरोसा, आत्मविश्वास और सहज सहायता सुनिश्चित हो सके।

यह कॉफी टेबल बुक इस यात्रा का अगला अध्याय है। इसके पहले संस्करण में 40 उत्कृष्ट एडवाइजर्स को शामिल किया गया है, और आने वाले संस्करणों में देशभर से और भी प्रेरणादायक कहानियों को स्थान दिया जाएगा।  इन वास्तविक नायकों को पहचान देकर और उनकी कहानियों को सामने लाकर, निवा बूपा का उद्देश्य इंश्योरेंस एडवाइजरी को एक सम्मानजनक और प्रभावशाली पेशे के रूप में स्थापित करना है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस क्षेत्र से जुड़ें और एक बड़े राष्ट्रीय लक्ष्य की ओर योगदान दें—2047 तक हर भारतीय को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराना।

By Business Bureau