वन्यजीव संरक्षण, शोध और पर्यटन को बढ़ावा देगा नया केंद्र

असम के डिब्रूगढ़ जिले में करीब 534 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक वन्यजीव सफारी और रेस्क्यू सेंटर विकसित करने की योजना बनाई गई है। इस परियोजना का उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण, अनुसंधान, बचाव एवं पुनर्वास को मजबूत करने के साथ-साथ राज्य में ईको-टूरिज्म और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है। प्रस्तावित केंद्र तिंगखोंग विधानसभा क्षेत्र के नामदांग रिजर्व फॉरेस्ट में लगभग 235 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। यह स्थान डिब्रूगढ़ शहर से करीब 20 किलोमीटर और डिब्रूगढ़ हवाईअड्डे से लगभग 30 किलोमीटर दूर है, जिससे पर्यटकों के लिए इसकी पहुंच आसान होने की उम्मीद है। परियोजना को असम लोक निर्माण विभाग दो चरणों में पूरा करेगा। पहले चरण पर लगभग 259 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें बाघ, गैंडा, तेंदुआ और भालू जैसे प्रमुख वन्यजीवों के लिए विशेष बाड़े, एक पशु चिकित्सा अस्पताल और रेस्क्यू सेंटर बनाया जाएगा। दूसरे चरण में करीब 275 करोड़ रुपये की लागत से एशियाई शेर, चीता, ज़ेब्रा और दरियाई घोड़े जैसी प्रजातियों के लिए सुविधाएं विकसित करने के साथ एक उन्नत अनुसंधान केंद्र स्थापित किया जाएगा। राज्य सरकार के अनुसार, यह केंद्र वन्यजीवों के संरक्षण, उपचार और पुनर्वास के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थान बनने के साथ ऊपरी असम में वन्यजीव पर्यटन को भी बढ़ावा दे सकता है। परियोजना के पूरा होने पर संरक्षण, शोध, रेस्क्यू और पर्यटन सुविधाओं को एक साथ जोड़ते हुए यह असम के वन्यजीव प्रबंधन और ईको-टूरिज्म के क्षेत्र में एक नई पहल साबित हो सकती है।

By nanika