मिजोरम विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें केंद्र सरकार से मिजो भाषा को भारतीय संविधान की ८वीं अनुसूची में शामिल करने का आग्रह किया गया है। राज्य सरकार का मानना है कि मिजो भाषा न केवल राज्य की पहचान है, बल्कि इसमें समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत भी समाहित है। इस कदम का उद्देश्य भाषा को आधिकारिक मान्यता दिलाना और इसके संरक्षण व विकास के लिए राष्ट्रीय स्तर पर संसाधन प्राप्त करना है।
यदि इस प्रस्ताव को केंद्र की मंजूरी मिल जाती है, तो मिजो भाषा उन विशिष्ट भाषाओं की सूची में शामिल हो जाएगी जिन्हें संवैधानिक संरक्षण प्राप्त है। इससे राज्य के युवाओं को संघ लोक सेवा आयोग जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं में अपनी मातृभाषा का उपयोग करने में मदद मिलेगी और साहित्य अकादमी जैसे संस्थानों से इसे विशेष प्रोत्साहन प्राप्त होगा। विधानसभा के इस निर्णय का पूरे राज्य में व्यापक स्वागत किया गया है, क्योंकि यह दशकों पुरानी मांग को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा वैधानिक कदम है।
