मायापुर इस्कॉन: डोल और गौर पूर्णिमा की धूम! ‘नित्यानंद मार्केट’ में उमड़ा भक्तों का सैलाब, वृंदावन की तुलसी मालाओं की भारी मांग

आगामी डोल उत्सव और गौर पूर्णिमा के पावन अवसर पर नदिया जिले के मायापुर स्थित इस्कॉन मंदिर में भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा है। देश-विदेश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं की उपस्थिति से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान है। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ इस वर्ष भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना है— ‘नित्यानंद मार्केट’।इस्कॉन परिसर के भीतर छोटे-छोटे स्टॉलों के माध्यम से इस अस्थाई बाजार को सजाया गया है। यह मार्केट 2 फरवरी से शुरू हुआ है और 5 मार्च तक चलेगा।

यहाँ पूजा-पाठ की सामग्री से लेकर हस्तशिल्प तक की विविध वस्तुएँ उपलब्ध हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा वृंदावन की विशेष मालाओं की हो रही है। इस मार्केट का मुख्य आकर्षण वृंदावन से लाई गई असली तुलसी की मालाएँ हैं। यहाँ अलग-अलग आकार, नक्काशी और गुणवत्ता की मालाओं के कई स्टॉल लगाए गए हैं। यहाँ ₹20 जैसी मामूली कीमत से लेकर ₹10,000 तक की बेशकीमती तुलसी मालाएँ उपलब्ध हैं। मायापुर आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु इन मालाओं को बड़े चाव से खरीद रहे हैं। विक्रेताओं का दावा है कि वृंदावन की तुलसी की लकड़ी से बनी इन मालाओं की शुद्धता और गुणवत्ता अद्वितीय होती है। वृंदावन से आए विक्रेता पूर्णेंदु नस्कर ने बताया, “हम हर साल इस उत्सव के दौरान मायापुर आते हैं।

यहाँ का माहौल अंतरराष्ट्रीय स्तर का होता है और बिक्री भी बहुत अच्छी होती है। एक महीने तक यहाँ स्टॉल लगाने के बाद हम वापस वृंदावन लौट जाते हैं।”गौर पूर्णिमा के उपलक्ष्य में मायापुर में भक्ति, उत्सव और व्यापार का एक अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। विदेशी पर्यटकों के लिए भी यह ‘नित्यानंद मार्केट’ भारतीय संस्कृति और अध्यात्म को समझने का एक बड़ा जरिया बन गया है। जैसे-जैसे गौर पूर्णिमा की तिथि नजदीक आ रही है, मायापुर में भीड़ और बढ़ने की संभावना है।

By Sonakshi Sarkar