वोटाधिकार की रक्षा के लिए आज धर्मतला में धरने पर बैठेंगी ममता बनर्जी

सामान्य लोगों के वोटाधिकार की रक्षा के मुद्दे पर आज कोलकाता के धर्मतला स्थित मेट्रो चैनल में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी धरने पर बैठेंगी। वोटर सूची सत्यापन प्रक्रिया यानी SIR को लेकर राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि इस प्रक्रिया के नाम पर कई वैध मतदाताओं के नाम जानबूझकर मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं और जीवित लोगों को मृत दिखाया जा रहा है।

इसी के विरोध में विधानसभा चुनाव से पहले आम लोगों के वोटाधिकार को सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री खुद सड़क पर उतरकर आंदोलन का नेतृत्व करने जा रही हैं। शुक्रवार को होने वाले इस विरोध कार्यक्रम में ममता बनर्जी के साथ वे मतदाता और उनके परिवार के सदस्य भी मौजूद रहेंगे, जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं या जिन्हें मृत घोषित कर दिया गया है। गौरतलब है कि वर्ष 2006 में सिंगूर में कृषि भूमि अधिग्रहण के विरोध में ममता बनर्जी ने इसी मेट्रो चैनल पर अनशन किया था। लंबे समय बाद उसी ऐतिहासिक स्थल पर एक बार फिर अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर वह धरने पर बैठने जा रही हैं।

3 दिसंबर 2006 को ममता बनर्जी ने सिंगूर के अनिच्छुक किसानों को जमीन वापस दिलाने की मांग को लेकर ‘कृषि जमीन बचाओ समिति’ का गठन किया था और धर्मतला में मंच बनाकर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया था। करीब 20 साल बाद नागरिकों के वोटाधिकार की रक्षा के संकल्प को सामने रखते हुए वह एक बार फिर इसी ऐतिहासिक मेट्रो चैनल पर धरना देने जा रही हैं। उस समय लगातार 26 दिनों तक अनशन करने के बाद 29 दिसंबर 2006 को उनका धरना समाप्त हुआ था।

By Sonakshi Sarkar