पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता समेत राज्य के अन्य हिस्सों में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच मलेरिया का भी प्रकोप बढ़ने लगा है। कोलकाता नगर निगम सूत्रों ने बताया है कि जनवरी से लेकर अगस्त के मध्य तक पूरे शहर में कम से कम ढाई हजार मलेरिया मरीज सामने आए हैं। इसके लक्षण भी कोरोना की तरह ही है। बुखार, शरीर में कंपकपी, दुर्बलता, सिर दर्द और सर्दी। इसके अलावा मौसम बदलने की वजह से वायरल बीमारियां भी तेजी से बढ़ने लगी हैं। लगातार बारिश की वजह से कोलकाता समेत राज्य के अन्य हिस्सों में जलजमाव पहले से ही है जिसकी वजह से डेंगू के भी फैलने की आशंका है।
दरअसल बंगाल में जब से अम्फन चक्रवात आया था उसके बाद से ही लगातार जलजमाव हो रहे हैं जो मच्छर जनित बीमारियों के फैलाव के लिए उपयुक्त हालात पैदा कर रहे हैं। नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कोरोना की वजह से लंबे समय से लॉकडाउन है और दूसरी बीमारियों से पीड़ित लोगों को अस्पतालों में इलाज में काफी समस्याएं हो रही हैं। इस बीच मलेरिया और डेंगू का प्रकोप कोलकाता वासियों के लिए चिंता का सबब बन गया है। हालांकि नगरनिगम ने इसके लिए साफ सफाई अभियान की शुरुआत की है लेकिन कोरोना संक्रमण की आशंका के मद्देनजर इसे पूरी तरह से मूर्त रूप देना संभव नहीं हो पा रहा है। 10 जनवरी से अगस्त के मध्य तक कोलकाता में 2600 लोगों में मलेरिया संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से 350 लोग फेंसीफेरम मलेरिया से पीड़ित हो चुके हैं।