भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए पेटीएम पेमेंट्स बैंक का बैंकिंग लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। केंद्रीय बैंक के अनुसार, यह कार्रवाई पेमेंट्स बैंक के नियमों का पालन न करने और बैंक के संचालन के ऐसे तरीकों के कारण की गई है जो जमाकर्ताओं के हितों के लिए हानिकारक थे। आरबीआई ने स्पष्ट किया कि बैंक ने लाइसेंस की शर्तों और बैंकिंग विनियमन अधिनियम, १९४९ के कई प्रावधानों का उल्लंघन किया है। गौरतलब है कि मार्च २०२२ में ही केंद्रीय बैंक ने पेटीएम को नए ग्राहकों को जोड़ने से रोक दिया था, और अब लाइसेंस रद्द होने के बाद बैंक बैंकिंग से जुड़ा कोई भी कार्य नहीं कर पाएगा।
आरबीआई ने भरोसा दिलाया है कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक के पास पर्याप्त नकदी उपलब्ध है, जिससे वह अपने सभी जमाकर्ताओं का पैसा वापस करने में सक्षम होगा। केंद्रीय बैंक अब इस बैंक को पूरी तरह बंद करने के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने की तैयारी कर रहा है। बैंक प्रबंधन का व्यवहार सार्वजनिक हित के प्रतिकूल पाए जाने के कारण इसे आगे जारी रखने का कोई औचित्य नहीं समझा गया। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक ने २३ मई २०१७ से अपना कामकाज शुरू किया था, लेकिन बार-बार नियामक जांच के घेरे में आने के बाद अब इसके बैंकिंग सफर पर विराम लग गया है।
