लिटल्स ने अपने नए अभियान ‘लाइफ इज़ हार्ड, स्विच टू सॉफ्टर’ के ज़रिये बच्चों के अनुभव पर दिया ज़ोर

पीरामल फार्मा लिमिटेड के एक प्रभाग, पीरामल कंज्यूमर हेल्थकेयर (पीसीएच) ने बच्चों की देखभाल से जुड़े (बेबी केयर) अपने ब्रांड, लिटल्स के लिए एक नया डिजिटल अभियान, ‘लाइफ इज़ हार्ड, स्विच टू सॉफ्टर’ (जीवन कठिन है, नरमी अपनाएं) लॉन्च किया है, जिसमें बच्चे को कहानी के केंद्र में रखा गया है। आम तौर पर बच्चों से जुड़े ज़्यादातर संवाद माता-पिता से नुस्खे लेने, सलाह-मशविरा लेने और ज़रूरी काम की सूची पर टिके होते हैं लेकिन लिटल्स ने अपने अभियान में बच्चे के अनुभव को केंद्र में रखा है, जो अक्सर अनसुना रह जाता है। यह कहानी रोज़ामर्रा की सच्चाई पर आधारित है कि बच्चे चुपचाप ऐसी परेशानियों को सहते रहते हैं जिन्हें वे व्यक्त नहीं कर पाते, चाहे वह खुरदुरे से डायपर से होने वाली जलन हो, नहाने के साबुन आदि से पैदा होने वाला रूखापन हो, या किसी ख़ास सामग्री से होने वाली परेशानी हो। ये पल बड़ों को सामान्य लग सकते हैं, लेकिन बच्चे के लिए, ये यह तय करते हैं कि दुनिया कितनी सुरक्षित, आरामदायक और महफूज़ महसूस होती है।

इस नज़रिए को सामने लाने वाला डिजिटल कथानक तीन फिल्मों के ज़रिए सामने आता है जो लिटल्स के फ्लफी सॉफ्ट डायपर, लिटल्स के ऑर्गेनिक्स मॉइस्चराइजिंग बेबी बेदिंग बार और लिटल्स ऑर्गेनिक्स बेबी लोशन पर केंद्रित हैं। ये फिल्में बच्चों के नज़रिए से रोज़मर्रा की स्थितियों को दिखाती हैं और यह बताती हैं कि जब किसी वजह से आराम नहीं मिलता है तो सामान्य क्षण भी कितने भारी पड़ सकते हैं। कहानी कहने का तरीका प्यार भरा और आम जीवन से जुड़ा है, जो माता-पिता को ठहर कर यह सोचने के लिए प्रोत्साहित करता है कि छोटे-छोटे फैसले उनके बच्चे की सेहत पर कितना गहरा असर डालते हैं। यह सोच ब्रांड के 3एस अवधारणा – सॉफ्ट, सेफ और सेंसिटिव (नरम, सुरक्षित और संवेदनशील) – में निहित है, जो डायपर, व्यक्तिगत देखभाल, दूध पिलाने से जुड़े उत्पाद, वाइप और खिलौनों सहित इसके पूरे पोर्टफोलियो के विकास का मार्गदर्शन करती है। हर उत्पाद को जलन को कम करने, तेज़ असर करने वाली (हार्श) चीज़ों से बचाने और बच्चे की नाजुक त्वचा तथा  विकसित हो रही इंद्रियों को सहारा देने के लिए तैयार किया गया है। इससे बच्चों की रोज़ाना की उन परेशानियों को कम करने में मदद मिलती है जिन्हें वे बता नहीं सकते।

व्यवसाय के नज़रिए से, ‘लाइफ इज़ हार्ड, स्विच टू सॉफ्टर’ अभियान लिटल्स की बढ़ती रेंज के बारे में जागरूकता और इस्तेमाल को बढ़ावा देता है। साथ ही यह अभियान आधुनिक, डिजिटल माध्यमों से जुड़े माता-पिता के बीच व्यापक बेबी केयर ब्रांड के रूप में लिटल्स की स्थिति को मज़बूत करता है, जो बच्चों के अनुभव पर केंद्रित है न कि सिर्फ इस्तेमाल के लायक उत्पाद पेश करने पर। पीरामल कंज्यूमर हेल्थकेयर के उपाध्यक्ष, अभिषेक कुमार ने कहा, “बच्चों की देखभाल को पारंपरिक रूप से माता-पिता के नज़रिए से दिखाया जाता रहा है। इस अभियान के साथ, हम बच्चे को केंद्र में लाना चाहते थे, जो असल में पहली बार इस दुनिया का अनुभव कर रहा है। ‘लाइफ इज़ हार्ड, स्विच टू सॉफ्टर’ इस सच्चाई को हास्य और भावनात्मकता के साथ पेश करता है। लिटल्स के उत्पाद नरम, सुरक्षित और संवेदनशील हैं, क्योंकि छोटे-छोटे फैसलों का भी बच्चे के आराम और सेहत पर भारी असर होता है। यह अभियान आज के माता-पिता को अपने बच्चों के लिए ऐसे उत्पाद प्रदान करने के प्रति हमारी सोच को दिखाता है, जो ज़्यादा कोमल हों, सोच-समझकर तैयार किए गए हों और ज़्यादा काम के हों।”

By Business Bureau