केरल टूरिज्म ने ‘ट्रैवेल नाउ, पोस्ट लेटर’ नाम का एक वैश्विक अभियान शुरू किया है। यह अभियान माइंडफुल ट्रैवेल को बढ़ावा देता है और दुनिया भर के यात्रियों से अपील करता है कि वे पहले खुद अपनी आँखों और मन से उस पल को जीएँ, फिर उसे ऑनलाइन शेयर करें। इसका मुख्य आइडिया बहुत सरल और सभी के लिए एक जैसा है: पहले अनुभव करो, बाद में पोस्ट करो। यह याद दिलाता है कि सबसे खूबसूरत यात्रा की कहानियाँ पहले महसूस की जाती हैं, बताई नहीं जातीं। यात्रा में उपस्थिति सबसे पहले होनी चाहिए, परफॉर्मेंस बाद में। ‘ट्रैवेल नाउ, पोस्ट लेटर’ के जरिए केरल टूरिज्म खुद को एक थॉट लीडर के रूप में पेश कर रहा है, जो दुनिया भर में यात्रा करने के तरीके पर एक बड़ी बातचीत शुरू कर रहा है। यह यात्रा को सिर्फ दिखावे की बजाय जागरुकता बढ़ाने, विचारों को प्रस्तुत करने और असली जुड़ाव का माध्यम बनाता है। ‘ट्रैवल नाउ, पोस्ट लेटर’ केरल टूरिज्म का एक सोशल मीडिया कैम्पेन है, जो माइंडफुल ट्रैवेल और मौजूदगी पर आधारित अनुभवों को प्रोत्साहित करता है। यह अभियान केरल टूरिज्म के आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर चल रहा है। साथ ही एक खास माइक्रोसाइट भी है: https://travelnowpostlater.com/। इस वेबसाइट पर अभियान की पूरी विचारधारा, चुनिंदा कंटेंट और यात्रा को अधिक जागरूक बनाने के लिए कुछ आसान टूल्स दिए गए हैं। कोच्चि-मुज़िरिस बाएनियल भारत के सबसे आकर्षक सांस्कृतिक स्थलों में से एक के रूप में विकसित हो चुका है, जिसने कोच्चि को कला-प्रेरित यात्रा के लिए एक खूबसूरत ग्लोबल डेस्टिनेशन में बदल दिया है। फोर्ट कोच्चि के ऐतिहासिक इलाकों और उसके विरासत वाले क्षेत्रों में आयोजित यह बाएनियल समकालीन कला का संयोजन जीवंत इतिहास के साथ करता है, और पर्यटकों को संस्कृति, रचनात्मकता और स्थान पर आधारित एक शानदार पर्यटन अनुभव प्रदान करता है।
यह बाएनियल दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा समकालीन कला का आयोजन है जोकि 31 मार्च तक चलेगा। यह दुनिया भर के कलाकारों और पर्यटकों को कोच्चि आने के लिए आकर्षित करता है। साथ ही, यह शहर की पुरानी और ऐतिहासिक जगहों को नई जान देता है। बाएनियल संस्कृति से पर्यटन बढ़ाने का एक बहुत अच्छा उदाहरण है। यह पुराने स्थानों को फिर से जीवंत बनाता है, स्थानीय लोगों की कमाई बढ़ाता है और कोच्चि को एक खास शहर बनाता है जहाँ कला से नई-नई चीजें देखने-समझने का रास्ता खुलता है। केरल के जरिए यह बाएनियल यात्रियों को आम जगहों से आगे जाने के लिए बुलाता है। यहाँ आने वाले लोग कला और संस्कृति की नजर से कोच्चि को एक नए और रोचक तरीके से महसूस कर पाते हैं। केरल के पर्यटन मंत्री श्री पी. ए. मोहम्मद रियास ने कहा, ‘’कोविड के बाद के वर्षों में केरल में पर्यटन में काफी बढ़ोतरी हुई है। नए पर्यटन उत्पादों को भी घरेलू और विदेशी पर्यटकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। आगामी छुट्टियों के मौसम में यह रुझान जारी रहने की उम्मीद है।” गर्मियों की छुट्टियों से पहले केरल टूरिज़्म देश के प्रमुख शहरों में रोडशोज और बी2बी मीट आयोजित करेगा। चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद में रोडशो हो चुके हैं, और फरवरी में कोलकाता, लखनऊ और इंदौर में भी आयोजन होंगे। इस अभियान की शुरुआत चेन्नई में पार्टनरशिप मीट से हुई, उसके बाद जनवरी में बेंगलुरु और इस सप्ताह हैदराबाद में आयोजन हो चुके हैं। फरवरी में कोलकाता, लखनऊ और इंदौर में भी B2B मीट आयोजित किए जाएंगे, जिनमें नए उत्पादों और एक्सपेरिएंशल यात्रा को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने तथा घरेलू पर्यटकों की संख्या बढ़ाने पर फोकस रहेगा।
छुट्टियों के मौसम में यात्रियों को आकर्षित करने वाला केरल का एक और वार्षिक सांस्कृतिक आयोजन है ‘निशागंधी डांस फेस्टिवल’, जो फरवरी में राजधानी तिरुवनंतपुरम में आयोजित होगा। यह एक शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा, जिसमें ओडिसी, कथकली और भरतनाट्यम जैसी शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुतियां होंगी। केरल उत्तर केरल के नए गंतव्यों जैसे कोझिकोड, वायनाड और बेकल को विशेष रूप से रेखांकित करेगा, साथ ही कम-ज्ञात स्थानों में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और बैकवाटर/बीच से परे गतिविधियां पेश करेगा। शहरी परिवारों को लक्षित करते हुए एडवेंचर (सर्फिंग, साइक्लिंग, पैराग्लाइडिंग, माउंटेन बाइकिंग), वेलनेस (आयुर्वेद), लक्जरी और संस्कृति (डेस्टिनेशन वेडिंग्स, MICE) जैसे थीम पर जोर दिया जाएगा ताकि घरेलू पर्यटकों को इस सीजन में आकर्षित किया जा सके।
