भारत में खरीदारी के चलन में 2025 में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखा गया, जब उपभोक्ता केवल रोजमर्रा की आवश्यकताओं के लिए ही नहीं, बल्कि उच्च मूल्य की वस्तुओं के लिए भी इंस्टामार्ट पर निर्भर होने लगे। बेंगलुरु में 10 रुपये के प्रिंटआउट के ऑर्डर से लेकर हैदराबाद में आईफोन से भरे 4.3 लाख रुपये के एक ही कार्ट तक, प्लेटफॉर्म का वार्षिक विश्लेषण, ‘हाउ इंडिया इंस्टामार्टेड 2025’, इस बात पर प्रकाश डालता है कि कैसे त्वरित वाणिज्य रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है।
आंकड़ों से पता चलता है कि इंस्टामार्ट पर सबसे ज्यादा खर्च करने वाले ग्राहक ने साल भर में 22 लाख रुपये से अधिक के रिपीट ऑर्डर किए, जिसमें स्मार्टफोन, सोने के सिक्के और एयर फ्रायर से लेकर दूध, फल और मिंट तक सब कुछ खरीदा गया। विलासितापूर्ण और आवेगपूर्ण खरीदारी में भी तेजी देखी गई, मुंबई के एक ग्राहक ने 15.16 लाख रुपये का सोना खरीदा, वहीं त्योहारों के दौरान गुलाब, चॉकलेट और उपहारों की भारी मांग रही। अकेले वैलेंटाइन डे पर ही देशभर में प्रति मिनट 666 गुलाबों के ऑर्डर का उच्चतम स्तर दर्ज किया गया।
रोजमर्रा की जरूरत की चीजें ही ठेलों पर छाई रहीं, जिनमें दूध, केले, अंडे और दही सबसे ज्यादा बार खरीदे जाने वाले आइटम के रूप में सामने आए। साथ ही, गैजेट्स, वेलनेस उत्पाद और ग्रूमिंग आइटम जैसी गैर-किराना श्रेणियों में भी मजबूत वृद्धि दर्ज की गई, जो त्वरित डिलीवरी में उपभोक्ताओं के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।
इंस्टामार्ट पर कोलकाता देश के सबसे सक्रिय बाजारों में से एक के रूप में उभरा है, जहां एक प्रमुख उपयोगकर्ता ने 2025 में 1,197 ऑर्डर दिए। शहर में नियमित आवश्यक खरीदारी और त्योहारों से प्रेरित उपहारों का संतुलित मिश्रण देखने को मिला, जो रोजमर्रा की जरूरतों और विशेष अवसरों दोनों के लिए त्वरित वाणिज्य के प्रति बढ़ती सहजता को दर्शाता है। यह रुझान घरों में इसके निरंतर उपयोग का संकेत देता है, जिससे कोलकाता भविष्य में इस प्लेटफॉर्म के लिए एक प्रमुख विकास बाजार के रूप में उभर रहा है।
