डीजीटी, एमएसडीई ने इंडस्ट्री-इंटीग्रेटेड स्किलिंग मॉडल के तहत युवाओं को एडवांस्ड ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग में प्रशिक्षण देने के लिए बजाज ऑटो लिमिटेड के साथ फ्लेक्सी-एमओयू साइन किया

उद्योग-आधारित कौशल विकास को मज़बूत करने और सरकार-उद्योगों के बीच सहयोग को गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी), कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई), भारत सरकार ने, रिवाइज़्ड फ्लेक्सी-एमओयू स्कीम (जून 2024) के तहत, भारत की अग्रणी ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरर्स में से एक बजाज ऑटो लिमिटेड के साथ एक फ्लेक्सिबल मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग (फ्लेक्सी-एमओयू) साइन किया है। इस साझेदारी से बजाज ऑटो लिमिटेड एक इंडस्ट्री ट्रेनिंग पार्टनर (आईटीपी) के रूप में कार्य कर सकेगी और महाराष्ट्र और उत्तराखंड में अपनी विनिर्माण सुविधाओं में एनएसक्यूएफ-संरेखित, उद्योग-आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम दे सकेगी। पहले वर्ष में, बजाज ऑटो ने 1,000 ट्रेनीज़ को लेने का प्रस्ताव दिया है, जिसमें 24 महीने तक के संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे, जिसमें एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम का प्रयोग करके क्लासरूम इंस्ट्रक्शन के साथ इंटेंसिव शॉपफ्लोर एक्सपोजर को भी जोड़ा जाएगा।

इस अवसर पर बोलते हुए, भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयन्त चौधरी ने कहा: “मैं इस साझेदारी का स्वागत करता हूँ, जो भारत में उद्योगों से जुड़े स्किलिंग को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस तरह की पहल दर्शाती हैं कि हमारा स्किलिंग इकोसिस्टम उद्योगों की ज़रूरतों के साथ और अधिक निकटता से जुड़ने के लिए कैसे विकसित हो रहा है। जब प्रशिक्षण वास्तविक प्रोडक्शन एनवायरनमेंट और आधुनिक तकनीकों से जुड़ा होता है, तो यह युवाओं को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने और वास्तव में जॉब के लिए तैयार होने में मदद करता है। इस तरह के सहयोग देश के लिए कुशल प्रतिभाओं की एक मजबूत पाइपलाइन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और भारत के विकसित भारत 2047 के विजन की ओर बढ़ने और कुशल वर्कफोर्स के लिए वैश्विक केंद्र के रूप में खुद को स्थापित करने में सहायक होंगे।”

इस समारोह में कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की सचिव श्रीमती देवश्री मुखर्जी, प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) के डायरेक्टर जनरल श्री दिलीप कुमार और डीजीटी के डिप्टी डायरेक्टर जनरल श्री सुनील कुमार गुप्ता मौजूद थे। उन्होंने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया और मांग-आधारित कौशल को मजबूत करने के लिए उद्योग साझेदारी को गहरा करने के महत्व पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में डीजीटी के डायरेक्टर (करिकुलम डेवलपमेंट) श्री प्रणव चौधरी और डीजीटी के डायरेक्टर (सीएफआई) श्री हेमंत डी गंजरे के साथ डीजीटी के अधिकारी भी मौजूद थे। बजाज ऑटो लिमिटेड से चीफ एचआर ऑफिसर श्री रवि क्यारन रामासामी ने कंपनी के दूसरे प्रतिनिधियों के साथ इस समारोह में हिस्सा लिया, जो भारत के युवाओं के लिए उद्योग-एकीकृत प्रशिक्षण के अवसरों को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

By Business Bureau