अगर आपके सामने अचानक किसी व्यक्ति का दम घुटने लगे, तो ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय सही कदम उठाना बेहद जरूरी है। अक्सर लोग घबरा जाते हैं और मदद के लिए चिल्लाने लगते हैं, लेकिन चोकिंग की स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद अहम हो सकते हैं।
रेस्टोरेंट या घर में खाना खाते समय अगर कोई व्यक्ति अचानक अपने गले को पकड़ने लगे, बोल न पाए या सांस लेने में परेशानी महसूस करे, तो इसे गंभीरता से लें। आमतौर पर खाना या कोई छोटी वस्तु सांस की नली में फंस जाने के कारण चोकिंग यानी दम घुटने की स्थिति पैदा होती है।
डॉक्टरों के मुताबिक, अगर व्यक्ति खांस पा रहा है, बोल पा रहा है या सांस ले पा रहा है, तो उसे जोर से खांसने के लिए कहें। उसकी पीठ पर तुरंत थपकी देने या मुंह में उंगली डालकर फंसी वस्तु निकालने की कोशिश न करें। उसे अकेला न छोड़ें और लगातार देखते रहें कि उसकी स्थिति बिगड़ तो नहीं रही। कई बार जोर से खांसने पर गले में फंसी चीज खुद बाहर निकल सकती है।
हालांकि, अगर व्यक्ति बोल, खांस या सांस नहीं ले पा रहा है, उसकी खांसी बहुत कमजोर है या वह गले को पकड़कर संकेत दे रहा है, तो यह गंभीर चोकिंग हो सकती है। ऐसी स्थिति में तुरंत मदद लें।
व्यक्ति को थोड़ा आगे की ओर झुकाएं और एक हाथ से उसके सीने को सहारा दें। दूसरे हाथ की हथेली के निचले हिस्से से दोनों कंधों के बीच पीठ पर 5 मजबूत बैक ब्लोज दें। हर वार के बाद देखें कि फंसी वस्तु बाहर आई या नहीं।
अगर रुकावट दूर नहीं होती है, तो व्यक्ति के पीछे खड़े होकर उसकी कमर के चारों ओर हाथ रखें। मुट्ठी को नाभि के ठीक ऊपर रखें, दूसरे हाथ से उसे पकड़ें और तेजी से अंदर और ऊपर की ओर 5 झटके दें। जरूरत पड़ने पर 5 बैक ब्लोज और 5 एब्डॉमिनल थ्रस्ट्स का क्रम दोहराते रहें, जब तक वस्तु बाहर न निकल जाए या व्यक्ति बेहोश न हो जाए।
अगर व्यक्ति बेहोश हो जाए, तो तुरंत स्थानीय इमरजेंसी मेडिकल सर्विस को कॉल करें। उसे सुरक्षित और समतल जगह पर लिटाकर सीपीआर शुरू करें, अगर आप इसके लिए प्रशिक्षित हैं। मुंह में उंगली डालकर वस्तु निकालने की कोशिश न करें। केवल वही वस्तु निकालें, जो साफ दिखाई दे और आसानी से पकड़ी जा सके।
गर्भवती महिला या ऐसे व्यक्ति के मामले में, जिसके पेट के चारों ओर हाथ नहीं पहुंच पा रहे हों, पेट पर झटका देने की जगह सीने पर झटका देने की जरूरत हो सकती है। वहीं, एक साल से कम उम्र के शिशु में पेट पर झटके नहीं दिए जाते। उनके लिए अलग फर्स्ट एड तकनीक की जरूरत होती है।
