आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस ने अपने यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान्स (ULIPs) के लिए ‘आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ बीएसई एन्हांस्ड वैल्यू 30 इंडेक्स फंड’ लॉन्च किया है। यह फंड ग्राहकों को लार्ज और मिड-कैप श्रेणी की आकर्षक वैल्यूएशन वाली कंपनियों में निवेश का अवसर देने और लंबी अवधि में संपत्ति निर्माण में मदद करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
लॉन्च पर टिप्पणी करते हुए, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर, श्री मनीष कुमार ने कहा, “यह फंड ग्राहकों को इक्विटी बाजार में भागीदारी करने का एक संरचित और पारदर्शी तरीका प्रदान करता है। हमारा ध्यान उन कंपनियों पर है जिनकी कीमत उनके फंडामेंटल्स के मुकाबले आकर्षक है।”
इस फंड की रणनीति मुख्य स्तंभों पर टिकी है, जिसमें वित्तीय मापदंडों के आधार पर शेयरों का चयन, विभिन्न क्षेत्रों (Sectors) में विविधता और समय-समय पर समीक्षा और रिबैलेंसिंग के साथ एक अनुशासित, नियम-आधारित निवेश प्रक्रिया शामिल है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि यह दृष्टिकोण ग्राहकों को बाजार के उतार-चढ़ाव के दौरान भी आत्मविश्वास के साथ निवेशित रहने में मदद करता है, और उन अवसरों का लाभ उठाने का मौका देता है जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।”
30 मार्च 2026 तक ICICI PRU BSE एन्हांस्ड वैल्यू इंडेक्स ने तीन वर्षों में 32% वार्षिक रिटर्न, पांच वर्षों में 28.9% और दस वर्षों में 19.4% वार्षिक रिटर्न दिया है। यह विभिन्न बाजार चक्रों में अनुशासित और वैल्यू-आधारित निवेश रणनीति की मजबूती को दर्शाता है। यह फंड पैसिव और इंडेक्स-आधारित रणनीति अपनाता है, जिसका उद्देश्य आधारभूत इंडेक्स को ट्रैक करना और वैल्यू निवेश अवसरों में लगातार भागीदारी सुनिश्चित करना है।
यह फंड ICICI PRU BSE एन्हांस्ड वैल्यू इंडेक्स को ट्रैक करता है, जिसमें BSE Large & Mid-cap यूनिवर्स से चुनी गई 30 कंपनियां शामिल हैं। इनका चयन बुक वैल्यू-टू-प्राइस, अर्निंग्स-टू-प्राइस और सेल्स-टू-प्राइस जैसे वैल्यूएशन मानकों के आधार पर किया जाता है। यह एक कस्टमाइज्ड इंडेक्स है, जिसे IRDAI के नियामकीय दिशानिर्देशों के अनुरूप BSE एन्हांस्ड वैल्यू इंडेक्स के आधार पर तैयार किया गया है।
यह इंडेक्स BSE LargeMidCap श्रेणी की उन 30 कंपनियों के प्रदर्शन को मापने के लिए बनाया गया है, जिनकी वैल्यूएशन तीन प्रमुख फंडामेंटल मानकों — बुक वैल्यू-टू-प्राइस, अर्निंग्स-टू-प्राइस और सेल्स-टू-प्राइस — के आधार पर सबसे अधिक आकर्षक मानी जाती है। यदि किसी स्टॉक को नियामकीय दिशानिर्देशों के कारण शामिल नहीं किया जा सकता, तो उसकी जगह अगला पात्र स्टॉक चुना जाएगा, ताकि 30 स्टॉक्स का समूह बना रहे।
