प्रकृति की चुनौतियों और भारी बारिश के बावजूद दक्षिण 24 परगना के पाथरप्रतिमा में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की कल होने वाली जनसभा को सफल बनाने के लिए प्रशासन और पार्टी कार्यकर्ता दिन-रात एक किए हुए हैं।पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण पाथरप्रतिमा कॉलेज का मैदान पूरी तरह जलमग्न हो गया था, जिससे सभा के आयोजन पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे थे। हालांकि, तृणमूल कार्यकर्ताओं ने हार नहीं मानी।
बड़े-बड़े पंप लगाकर मैदान से पानी निकाला जा रहा है। कीचड़ और फिसलन को कम करने के लिए पूरे मैदान में सफेद रेत बिछाई जा रही है ताकि हजारों समर्थकों के बैठने लायक जगह बनाई जा सके। आज सुबह से ही इलाके में हेलीकॉप्टर का ट्रायल (मॉक ड्रिल) कई बार देखा गया, जिससे सुरक्षा और लॉजिस्टिक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा सके।इस जनसभा का राजनीतिक महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि यहाँ से तीन बार के विधायक समीर कुमार जाना चौथी बार चुनावी मैदान में हैं। समीर जाना को इलाके में एक मजबूत संगठक और ‘धरतीपुत्र’ के रूप में देखा जाता है।स्थानीय गलियारों में चर्चा है कि पाथरप्रतिमा में विपक्ष को “दूरबीन से ढूंढना पड़ता है।” अपनी मजबूत पकड़ के कारण समीर जाना इस बार भी आत्मविश्वास से भरे नजर आ रहे हैं।
भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा जैसी स्थिति के बावजूद इस सभा का आयोजन टीएमसी की संगठनात्मक शक्ति का प्रदर्शन माना जा रहा है। सबकी निगाहें अब कल की सभा पर टिकी हैं कि अभिषेक बनर्जी इस मंच से क्या संदेश देते हैं और समीर जाना के पक्ष में हवा कितनी तेज बहती है।प्रशासनिक बयान: “सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मौसम की चुनौतियों के बावजूद हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कार्यक्रम बिना किसी बाधा के संपन्न हो।”
