उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में कड़ाके की ठंड ने दस्तक दे दी है। पूरा जिला पिछले कुछ दिनों से घने कोहरे की चादर में लिपटा हुआ है, जिससे जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। कड़ाके की इस ठंड ने स्थानीय निवासियों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया है।तापमान में भारी गिरावट और कोहरे का असर पिछले कुछ दिनों से जिले का तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। हाड़ कंपाने वाली ठंड के साथ-साथ सुबह और रात के समय दृश्यता (Visibility) बहुत कम हो गई है।कोहरे के कारण सड़कों पर आवाजाही मुश्किल हो गई है।
बाजार और दुकानें भी सामान्य समय से काफी देरी से खुल रही हैं। ठंड से बचने के लिए लोग सड़कों के किनारों और चौराहों पर अलाव (आग) जलाकर हाथ सेंकते नजर आ रहे हैं। चाय की दुकानों पर सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है।ट्रैफिक पुलिस की विशेष पहल कोहरे के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जलपाईगुड़ी ट्रैफिक पुलिस पूरी तरह सक्रिय है। हाईवे पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं: पुलिस चालकों को धीमी गति से गाड़ी चलाने और हेडलाइट जलाकर रखने के निर्देश दे रही है।
हाईवे पर ड्राइवरों को नींद और थकान से बचाने के लिए पुलिस द्वारा गाड़ियाँ रुकवाकर उन्हें चाय और पानी पिलाया जा रहा है, ताकि वे सतर्क रहकर ड्राइविंग कर सकें।डुआर्स में पर्यटकों की बहार एक तरफ जहाँ स्थानीय लोग ठंड से परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ पर्यटन के लिहाज से यह मौसम खुशखबरी लेकर आया है। इस कड़ाके की ठंड और सुहावने कोहरे का आनंद लेने के लिए डुआर्स (Dooars) के पर्यटन केंद्रों में भारी संख्या में सैलानी पहुँच रहे हैं। होटलों और रिसॉर्ट्स में पर्यटकों की अच्छी-खासी भीड़ देखी जा रही है।
