भारत की प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट ने अपने प्लेटफॉर्म पर पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए अपने गवर्नेंस (शासन) ढांचे को और अधिक मजबूत करने की घोषणा की है। कंपनी अपने कंप्लायंस सिस्टम में लगातार निवेश कर रही है, ताकि १.४ मिलियन से अधिक विक्रेताओं (सेलर्स) और उनकी लाखों लिस्टिंग्स के लिए एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। इसके तहत फ्लिपकार्ट ने रिस्क-बेस्ड ऑनबोर्डिंग और सख्त मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया है, जो अनुपालन न करने वाले और जाली विक्रेताओं को प्लेटफॉर्म पर आने से रोकता है। बेहतरीन टेक्नोलॉजी और मानवीय निगरानी के तालमेल से कंपनी एक ऐसा मानक स्थापित कर रही है, जहाँ ग्राहकों को केवल गुणवत्तापूर्ण और असली उत्पाद ही प्राप्त हों।
गवर्नेंस की यह नई प्रणाली ऑडिट-रेडी प्रक्रियाओं और आंतरिक नियंत्रणों के साथ काम करती है, जो व्यवसायों के निरंतर विकास के लिए एक विश्वसनीय आधार प्रदान करती है। फ्लिपकार्ट का यह प्रोएक्टिव दृष्टिकोण विक्रेताओं के मजबूत पुनरीक्षण (वेरिफिकेशन) पर जोर देता है, जिससे सुरक्षा की एक अभेद्य दीवार तैयार होती है। औपचारिक कंप्लायंस नीतियों की मदद से कंपनी यह सुनिश्चित कर रही है कि उसके मार्केटप्लेस पर होने वाला हर लेनदेन पारदर्शी हो और ग्राहक बिना किसी डर के खरीदारी कर सकें। यह पहल न केवल विक्रेताओं के लिए एक समान अवसर प्रदान करती है, बल्कि ई-कॉमर्स क्षेत्र में विश्वास और सुरक्षा के नए मापदंड भी तय करती है।
