हौसलों की उड़ान: मलेशिया में योग का परचम लहराने को तैयार हावड़ा का स्नेहशीष, आर्थिक तंगी बनी बाधा

हावड़ा जिले के बागनान-2 ब्लॉक के बीरकुल गांव का रहने वाला पाँचवीं कक्षा का छात्र स्नेहशीष मान्ना अपनी तीन पीढ़ियों की योग परंपरा को विश्व स्तर पर ले जाने के लिए कड़ा संघर्ष कर रहा है। स्नेहशीष ने अपनी प्रतिभा के दम पर जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में सफलता का झंडा गाड़ने के बाद अब अंतरराष्ट्रीय योग प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई कर लिया है।मलेशिया में आयोजित होने वाली इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए स्नेहशीष अपने प्रशिक्षक सुभाष बेरा के मार्गदर्शन में दिन-रात कड़ा अभ्यास कर रहा है।

लेकिन इस सुनहरे सपने के सामने गरीबी की दीवार खड़ी हो गई है।स्नेहशीष के दादा और पिता अपने लाडले के सपने को सच करने के लिए दिन-रात मेहनत कर पैसे जुटा रहे हैं। परिवार का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर हार नहीं मानना चाहते, लेकिन मलेशिया जाने के लिए एक मोटी रकम की जरूरत है, जो उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।मान्ना परिवार में योग का अभ्यास तीन पीढ़ियों से चला आ रहा है। स्नेहशीष का लक्ष्य न केवल स्वर्ण पदक जीतना है, बल्कि अपनी विरासत को वैश्विक पहचान दिलाना है।

गांव के लोगों और परिवार के मन में एक ही सवाल है— “क्या पैसों की कमी की वजह से स्नेहशीष मलेशिया जा पाएगा?”तमाम कठिनाइयों के बावजूद, स्नेहशीष का हौसला बरकरार है। वह अपनी साधना में जुटा हुआ है, इस उम्मीद के साथ कि उसकी मेहनत और परिवार का त्याग उसे अंतरराष्ट्रीय मंच तक जरूर पहुंचाएगा।

By Sonakshi Sarkar