यूरोफ्रैग्रेंस ने अपना नया ख़ास खुश्बू वाला तत्व ‘ओलीवांटे®’ लॉन्च किया

इंटरनैशनल कंपनी यूरोफ्रैग्रेंस ने दुबई में 27 अक्टूबर, 2025 को ब्यूटीवर्ल्ड मिडिल ईस्ट ट्रेड शो में अपनी चौथी ख़ास परफ्यूमरी सामग्री ओलीवांटे® को दुनिया के सामने पेश किया। इस स्पैनिश परफ्यूम हाउस की यह नई सामग्री खुशबू को रिच बनाती है। परफ्यूम में ‘रिचनेस’ का मतलब है कि उसमें इस्तेमाल हुई सामग्री अच्छी क्वालिटी की और भरपूर हो। ओलीवांटे® यह काम पर्यावरण का ध्यान रखते हुए करता है।

मध्य पूर्वी खुशबू बनाने में दुनिया की लीडर होने के नाते, यूरोफ्रैग्रेंस ओलीवांटे® को अपनी सामग्री की लिस्ट में शामिल करके खुश है। यह मध्य पूर्वी परफ्यूम में ख़ास तौर पर पसंद की जाने वाली गहराई देता है। कस्तूरी जैसे एनिमल नोट्स (जानवरों से मिलती जुलती खुश्बू), जिन्हें मुखल्लत जैसे परफ्यूम में पसंद किया जाता है, ओलीवांटे® में भी मिलती हैं।

ओलीवांटे® सिर्फ मध्य-पूर्वी बाज़ार के लिए ही नहीं है; यह दूसरी संस्कृतियों की खुशबू वाली सामग्री को और अधिक उभारने का काम भी करता है। भारत के जनरल मैनेजर मयूर काप्से कहते हैं: “ओलीवांटे® का नेचुरल एनिमल वाला कैरेक्टर भारतीय ग्राहकों के लिए एकदम सही है, जिन्हें शमामा जैसी तेज़ खुशबूएँ पसंद हैं। यह उन परफ्यूम में भी कमाल करता है जिनमें भारतीय सामग्री होती है; जैसे, यह चमेली को और ज़्यादा फलदार बना देता है और गुलाबी कमल के नोट को चमड़े जैसा असर देता है।”

यूरोफ्रैग्रेंस के परफ्यूमर्स, जो इसे इस्तेमाल कर रहे हैं, बताते हैं कि ओलीवांटे® से फलों की खुशबू ज़्यादा गहरी हो जाती है, गौर्मंड नोट्स (खाने-पीने जैसी खुश्बू) और ज़्यादा मज़ेदार और ललचाने वाली लगती हैं, और कुछ सफ़ेद फूलों की खुशबू तेज़ हो जाती है। क्योंकि ओलीवांटे® जैतून का तेल निकालने के बाद बचे हुए कचरे से बनता है, इसलिए इसमें तेल जैसी कोई महक नहीं होती।

यूरोफ्रैग्रेंस की मास्टर परफ्यूमर बेलन गार्सिया कहती हैं: “हाल के सालों में हमने देखा है कि पश्चिमी ग्राहकों ने भी मध्य-पूर्वी परफ्यूम को पसंद करना शुरू कर दिया है। चमड़े और ऊद की तेज़ खुशबू को अब खाड़ी देशों के बाहर भी ग्राहक अपना रहे हैं। ओलीवांटे® में कई परतें हैं और यह वैसी ही महक देता है जिसे अब हर जगह पसंद किया जा रहा है।”

यूरोफ्रैग्रेंस ने अपनी सस्टेनेबिलिटी (पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदारी) की सोच को ध्यान में रखते हुए, एक जैतून तेल कंपनी के साथ मिलकर ओलीवांटे® को बनाया। यह कंपनी जैतून के कचरे को काम की चीज़ों में बदलती है। रिसर्च एंड डेवलपमेंट मैनेजर फेलिप सैन जुआन और टेक्निकल परफ्यूमर मगदालेना रे ने महीनों तक स्पेन के गांव-देहात में घूमकर ऐसी जैतून की किस्म खोजी, जिसमें सही खुशबू और रसायन हों, क्योंकि अलग-अलग किस्मों में अलग महक वाले अवशेष होते हैं। दो साल तक उन्होंने एक ख़ास स्पैनिश इलाके के वेस्ट मैनेजमेंट इंजीनियर के साथ काम किया ताकि सही कच्चा माल मिल सके।

एक ईको-फ्रेंडली, कई स्टेप वाली सफ़ाई प्रक्रिया से, यूरोफ्रैग्रेंस ने इस रीसाइकल किए गए कचरे को ओलीवांटे® में बदल दिया, जो 100% नेचुरल परफ्यूम सामग्री है। सैन जुआन ज़ोर देकर कहते हैं कि ज़मीन और मौसम बहुत ज़रूरी हैं, क्योंकि ओलीवांटे® किसी भी जैतून के गूदे से नहीं बन सकता। उनकी वैज्ञानिक टीम ने ही उन खास महक वाले अणुओं को अलग किया। इस सामग्री का अभी पेटेंट चल रहा है।

By Business Bureau