बच्चों में बढ़ते मायोपिया पर लगाम: एसीलॉर स्टेलेस्ट बना अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा अधिकृत भारत का पहला स्पेशल लेंस

पिछले साल के अंत में, एसीलॉर लक्सोटिका ने घोषणा की थी कि अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफ.डी.ए) ने ‘डी नोवो’ मार्ग के माध्यम से उसके एसीलॉर® स्टेलेस्ट® लेंस को बाजार में उतारने की मंजूरी दे दी है। इससे पहले 2021 मे अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा इस प्रोडक्ट को ‘ब्रेकथ्रू टेक्नोलॉजी’ के रूप में मान्यता दी गई थी। बच्चों में मायोपिया (निकट दृष्टि दोष) के बढ़ने की गति को धीमा करने के लिए एसीलॉर® स्टेलेस्ट® लेंस अमेरिका के एफडीए द्वारा अधिकृत होने वाला पहला और एकमात्र चश्मा लेंस है।4 एसीलॉर® स्टेलेस्ट® लेंस की प्रभावशीलता क्लिनिकल डेटा से सिद्ध होती है, जो दिखाता है कि इस लेंस ने दो वर्षों में मायोपिया के बढ़ने की गति को औसतन 71% तक धीमा कर दिया है।

भारत में मायोपिया के मामलों में तेज़ी से बढ़ोतरी एक चिंता का विषय बनती जा रही है। अनुमान है कि 2050 तक लगभग 50% शहरी बच्चे इससे प्रभावित हो सकते हैं। अपनी क्लिनिकल विश्वसनीयता की विरासत के साथ, एसीलॉर लक्सोटिका का लक्ष्य एफडीए द्वारा अनुमोदित नवाचारों के माध्यम से भारत में मायोपिया की देखभाल को आगे बढ़ाना है। यह प्रयास मायोपिया के बढ़ने की गति को धीमा करने के लिए नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स (NABH) और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं व वैश्विक मानकों के अनुरूप है। डॉक्टरों, अभिभावकों और संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त और साक्ष्य-आधारित मायोपिया प्रबंधन के साथ सशक्त बनाकर, इसका लक्ष्य एसीलॉर® स्टेलेस्ट® लेंस को पूरे भारत में अधिक बच्चों तक पहुँचाना और देखभाल के मानक को बदलना है।

By Business Bureau