डीपी वर्ल्ड के मरीन सर्विसेज बिजनेस शिपिंग सॉल्यूशंस (“Shipping Solutions”) ने डीपी वर्ल्ड इंडस का अधिग्रहण करते हुए अपने फ्लीट का विस्तार किया है। डीपी वर्ल्ड इंडस 2,500+ टीईयू वाला कंटेनर वेसल है। इससे पूरे भारत में घरेलू कोस्टल ट्रेड (तटीय व्यापार) को सपोर्ट मिलेगा।
डीपी वर्ल्ड इंडस के अधिग्रहण से भारत में शिपिंग सॉल्यूशंस की तटीय परिवहन क्षमताओं को और मजबूती मिली है। इससे प्रमुख भारतीय बंदरगाहों के बीच भरोसेमंद, एफिशिएंट और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से कार्गो ट्रांसपोर्टेशन करने की कंपनी की क्षमता बेहतर हुई है। तटीय परिवहन के जरिये कार्गो मूवमेंट को सपोर्ट करते हुए इस वेसल से सड़क नेटवर्क पर दबाव को कम करने के साथ-साथ ज्यादा रेजिलिएंट और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार सप्लाई चेन के निर्माण में मदद मिलेगी। अभी भारत में डीपी वर्ल्ड का शिपिंग सॉल्यूशंस कोस्टल नेटवर्क 14 बंदरगाहों तक फैला है और इसमें कुल 10 वेसल्स की डेडिकेटेड फ्लीट है। 2025 में अपने कोस्टल शिपिंग ऑपरेशंस के माध्यम से कंपनी ने 4,73,000 टीईयू से ज्यादा की हैंडलिंग की थी।
डीपी वर्ल्ड द्वारा संचालित जेद्दाह साउथ कंटेनर टर्मिनल पर इस वेसल का पहला आगमन, कंपनी की उस रणनीति का एक और अहम पड़ाव है, जिसका उद्देश्य अपने पोर्ट और मरीन सर्विस बिजनेस के बीच बेहतर तालमेल के जरिये व्यापारिक कनेक्टिविटी को मजबूत करना है।
डीपी वर्ल्ड के मरीन सर्विसेज के ग्लोबल चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर गणेश राज ने कहा, “भारत में कोस्टल शिपिंग सेक्टर के माध्यम से सप्लाई चेन की क्षमता को बेहतर बनाने और सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने का एक बड़ा अवसर मिल सकता है। हमने 2025 में अपनी रिपोर्ट ‘एनहांसिंग इंडियाज शिप रजिस्ट्री: पाथवेज टु ग्लोबल कम्पटीटिवनेस’ (भारत की शिप रजिस्ट्री को बेहतर बनाना: वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने के रास्ते) में इस मामले में अवसरों की कमी के बारे में उल्लेख किया था। भारत के झंडे वाले जहाज डीपी वर्ल्ड इंडस का अधिग्रहण करना घरेलू समुद्री कनेक्टिविटी को मजबूत करने और ग्राहकों को भरोसेमंद, उच्च-गुणवत्ता वाली सेवाएं देने के हमारे संकल्प को दिखाता है। इस सर्विस के माध्यम से हम देशभर की कंपनियों एवं बाजारों को जोड़ते हैं।”
मल्टीमोडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को बेहतर बनाने, कार्बन उत्सर्जन कम करने और कार्गो की आवाजाही को ज्यादा एफिशिएंट बनाने में कोस्टल शिपिंग (तटीय परिवहन) की अहम भूमिका है। भारत के प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्रियल और कंजम्पशन सेंटर्स के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाकर डीपी वर्ल्ड इंडस देश के तटों पर कंटेनरों की आवाजाही को आसान बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। इससे ग्राहकों को लंबी दूरी के जमीनी ट्रांसपोर्ट का भरोसेमंद विकल्प मिलेगा।
डीपी वर्ल्ड इंडस का यह अधिग्रहण समुद्री इन्फ्रास्ट्रक्चर, बंदरगाहों, लॉजिस्टिक्स सर्विसेज और सप्लाई चेन सॉल्यूशंस में लगातार निवेश के जरिये भारत के व्यापार और लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को सपोर्ट करने की डीपी वर्ल्ड की व्यापक रणनीति के अनुरूप है।
डीपी वर्ल्ड की रिपोर्ट ‘एनहांसिंग इंडियाज शिप रजिस्ट्री: पाथवेज टु ग्लोबल कम्पटीटिवनेस’ में भारत की शिप रजिस्ट्री को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, भरोसेमंद और टिकाऊ बनाने के लिए एक व्यावहारिक रोडमैप पेश किया गया है। इसका उद्देश्य भारतीय झंडे को दक्षता (एफिशिएंसी), भरोसे और मॉडर्न मैरीटाइम एक्सीलेंस (आधुनिक समुद्री उत्कृष्टता) के प्रतीक के तौर पर स्थापित करना है। रिपोर्ट में गवर्नेंस में सुधार, वित्तीय एवं व्यावसायिक प्रोत्साहन, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच बढ़ाने और ग्रीन ट्रांजिशन (पर्यावरण के अनुकूल बदलाव) की पहल जैसे अहम सुझाव दिए गए हैं। इन सभी उपायों का उद्देश्य प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाना और भारत के ‘मैरीटाइम विजन 2030’ के साथ तालमेल बिठाना है, ताकि भारत को ग्लोबल मैरीटाइम लीडर के तौर पर स्थापित करने के सरकार के लक्ष्य को पूरा किया जा सके।
