डेटॉल ने लॉन्च किया नया कैंपेन, मां की सुरक्षा की भावना को किया सेलिब्रेट

डेटॉल, भारत का प्रमुख जर्म प्रोटेक्शन ब्रांड, अपने आइकॉनिक डेटॉल एंटीसेप्टिक लिक्विड के लिए एक नया भावनात्मक कैंपेन लेकर आया है। यह कैंपेन भावनाओं पर आधारित कहानी के जरिए परिवारों के साथ ब्रांड के जुड़ाव को मजबूत करता है और इसकी बेजोड़ सुरक्षा को उजागर करता है। मां की सहज देखभाल की भावना पर आधारित यह कैंपेन एक सरल संदेश देता है: “मां और डेटॉल जैसी सुरक्षा कोई नहीं देता।” कई पीढ़ियों से डेटॉल सिर्फ एक प्रोडक्ट नहीं, बल्कि मुश्किल समय में भरोसेमंद साथी रहा है। नई फिल्म इसी भावना को एक शादी के घर की चहल-पहल भरे माहौल में एक कोमल पल के जरिए दिखाती है। जश्न के बीच एक छोटा लड़का खुद को चोट लगने के बाद भी उसे सबसे छिपा लेता है और बहादुरी दिखाने की कोशिश करता है। लेकिन जैसे ही वह अपनी मां के पास पहुंचता है, मां तुरंत महसूस कर लेती है कि कुछ ठीक नहीं है। जब वह डेटॉल एंटीसेप्टिक लिक्विड से उसकी चोट साफ करती है, तो लड़का अपनी झिझक छोड़ देता है और उसका दर्द सामने आ जाता है। इसके बाद एक भावुक पल आता है, जहां भूमिकाएं बदल जाती हैं और वही बच्चा अपनी मां को सांत्वना देता है।

फिल्म का अंत इस संदेश के साथ होता है: “अपनों की सुरक्षा का मजबूत सहारा।” यह दिखाता है कि डेटॉल आज भी भारतीय घरों में मांओं के साथ खड़ा है, जहां प्यार स्वाभाविक है और सुरक्षा भरोसेमंद। इस फिल्म को प्रसून जोशी के कॉन्सेप्ट और लेखन ने जीवंत बनाया है। इसका मूल संगीत विशाल खुराना के ने तैयार किया है, जिसे जावेद अली ने गाया है। गीत के बोल भी प्रसून जोशी ने लिखे हैं, और निर्देशन अमित शर्मा ने किया है। यह फिल्म भावनाओं, संस्कृति और वास्तविकता का सुंदर संगम प्रस्तुत करती है।

लॉन्च पर टिप्पणी करते हुए, रेकिट – साउथ एशिया के ईवीपी रीजनल डायरेक्टर गौरव जैन ने कहा, “रेकिट में हम मानते हैं कि हमारी जिम्मेदारी केवल उत्पाद उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है—हम एक ऐसी दुनिया बनाने के लिए यहां हैं जहां लोग सुरक्षित महसूस करें, संरक्षित रहें और एक-दूसरे की देखभाल करने के लिए सक्षम बनें। डेटॉल इस मिशन के केंद्र में है। इसकी विरासत कई पीढ़ियों तक फैली हुई है और यह भारत के घरों में एक शांत लेकिन भरोसेमंद साथी बन चुका है। यह एक ऐसा ब्रांड है जो सिर्फ जरूरत के समय ही नहीं, बल्कि भावनात्मक पलों में भी साथ होता है—जब मां का सहज भाव जाग उठता है, जब बच्चे के आंसू बहादुरी के पीछे छिपे होते हैं, जब सुरक्षा सिर्फ शारीरिक ही नहीं बल्कि गहराई से व्यक्तिगत भी होती है। यह कैंपेन उसी नाजुक और मानवीय सच्चाई को दर्शाता है: एक मां बिना कहे ही दर्द को महसूस कर लेती है, और डेटॉल उसे देखभाल और आत्मविश्वास के साथ प्रतिक्रिया देने की ताकत देता है। मां का सहज भाव और डेटॉल की सुरक्षा मिलकर एक ऐसा रिश्ता बनाते हैं, जिस पर पीढ़ियों से भरोसा किया गया है और आने वाले वर्षों में भी किया जाता रहेगा।”

By Business Bureau